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Question
शिल्प-सौंदर्य स्पष्ट कीजिए -
कि अब जब कोई ............. या बच्चा खड़ा है।
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Solution
कवि ने मुक्तछंद में कविता की रचना की है। इसकी भाषा सरल व सहज है। इसमें लाक्षणिकता का गुण है। हाथ फैलाना मुहावरे का बहुत उत्तम प्रयोग किया गया है, यह ईमानदार व्यक्ति की लाचारी का सूचक भी है। चाय तथा रोटी के माध्यम से उसकी भूख का उल्लेख किया गया है। इसके साथ ही पच्चीस पैसे में अनुप्रास अलंकार की छटा बिखरी हुई है।
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भाव सौंदर्य स्पष्ट कीजिए -
1947 के बाद से ........... गतिशील होते देखा है
भाव सौंदर्य स्पष्ट कीजिए -
मानता हुआ कि हाँ मैं लाचार हूँ ........... एक मामूली धोखेबाज़
भाव सौंदर्य स्पष्ट कीजिए -
तुम्हारे सामने बिलकुल ............ लिया है हर होड़ से
शिल्प-सौंदर्य स्पष्ट कीजिए -
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