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Question
निम्नलिखित पठित गद्यांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए:
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शामनाथ हर बात में तरतीब चाहते थे। घर का सब संचालन उनके अपने हाथ में था। खूँटियाँ कमरों में कहाँ लगाई जाएँ, बिस्तर कहाँ पर बिछें, किस रंग के परदे लगाए जाएँ, श्रीमती कौन-सी साड़ी पहनें, मेज किस साइज की हो... शामनाथ को चिंता थी कि अगर चीफ का साक्षात्कार माँ से हो या तो कहीं लज्जित नहीं होना पड़े। माँ को सिर से पाँव तक देखते हुए बोले, “तुम सफेद कमीज और सफेद सलवार पहन लो, माँ। पहन के आओ तो, जरा देखूँ।” माँ धीरे-से उठीं और अपनी कोठरी में कपड़े पहनने चली गई। “यह माँ का झमेला ही रहेगा,” उन्होंने फिर अंग्रेजी में अपनी पत्नी से कहा, “ढंग की बात भी हो तो कोई! अगर कहीं कोई उल्टी-सीधी बात हो गई, चीफ को बुरा लगा तो सारा मजा जाता रहेगा।” माँ सफेद कमीज और सफेद सलवार पहनकर बाहर निकलीं। छोटा-सा कद, सफेद कपड़ों में लिपटा, छोटा-सा सूखा हुआ शरीर, धुँधली आँखें, केवल सिर के आधे झड़े हुए बाल पल्ले की ओट में छिपा पाए थे। पहले से कुछ न ही कम कुरूप नजर आ रही थीं। |
- आकृति पूर्ण कीजिए: (2)

- संजाल पूर्ण कीजिए: (2)

- ‘करना सम्मान माँ का कर्तव्य हर संतान का’ इस विषय पर अपने विचार 30 से 40 शब्दों में लिखिए। (3)
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Solution


- माँ को सम्मान देना हर संतान का परम कर्तव्य है, क्योंकि वही हमारे जीवन की प्रथम शिक्षिका और मार्गदर्शिका होती है। माँ न केवल हमारा पालन-पोषण करती है, बल्कि हमें नैतिक मूल्यों का पाठ भी पढ़ाती है।
