Advertisements
Advertisements
Question
निम्नलिखित पद्यांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए:
|
सेतु: मैं सुनो कनु, सुनो अमंगल छाया घाट से आते हुए उजड़े हुए कुंज आज उस पथ से अलग हटकर खड़ी हो |
1. निम्नलिखित प्रश्न के उत्तर लिखिए। (2)
- उपर्युक्त पद्यांश में प्रयुक्त एक सुंदर वृक्ष का नाम लिखिए।
- कृष्ण की कितनी सेनाएँ युद्ध में भाग लेने जा रही है ?
- सेतु के दोनों छोर कौन से हैं?
- कृष्ण की सेनाएँ कौनसे मार्ग से जा रही हैं ?
2. उत्तर लिखिए। (2)
राधा का सेतु जिस्म ऐसा है .....
- ____________
- ____________
- ____________
- ____________
3. निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर 40 से 50 शब्दों में लिखिए: (2)
“वृक्ष की उपयोगिता" इस विषय पर अपने विचार लिखिए।
Advertisements
Solution
1.
- उपर्युक्त पद्यांश में प्रयुक्त एक सुंदर वृक्ष का नाम है - कदंब।
- कृष्ण की अठारह अक्षौहिणी सेनाएँ युद्ध में भाग लेने जा रही है।
- सेतु के दोनों छोर लीला भूमि और युद्ध क्षेत्र हैं।
- कृष्ण की सेनाएँ उजड़े हुए कुंज और रौंदी हुई लताओं की राह से जा रही हैं।
2.
- सोने के पतले गुंधे तारों वाले पुल-सा
- निर्जन
- निरर्धक
- काँपता-सा।
3. वृक्ष मनुष्यों के पुराने साथी रहे हैं। वृक्ष समस्त चराचर में व्याप्त मानव औरप्राणियों के लिए उपयुक्त हैं। पेड़ों की छाया धूप और वर्षा से उसकी मदद करती है। वृक्षों की शीतलता हमें उल्हासित कर देती हैं। पेड़ों की हरियाली मनुष्य का मन प्रसन्न करती है। वृक्ष मनुष्य के लिए बहुत उपयोगी होते हैं। अनेक औषधीय वृक्षों से मनुष्यों को औषधियाँ मिलती हैं। वृक्ष वातावरण से कार्बन डाइऑक्साइड सोखते हैं और ऑक्सीजन छोड़ते हैं, जिससे हमें साँस लेने के लिए शुद्ध वायु मिलती है। पेड़ों का सबसे बड़ा फायदा वर्षा कराने में होता है। जहाँ पेड़ों की बहुतायत होती है, वहाँ अच्छी वर्षा होती है। वृक्ष का हरहिस्सा वृक्ष की जड़े, तना, शाखा, पत्ते, पान, फूल, फल सब उपयोगी होते हैं। इस तरह पेड़ हमारे लिए हर दृष्टि से उपयोगी होते हैं।
