Advertisements
Advertisements
Question
रीना की चिट्ठी तो रेलगाड़ी से दिल्ली पहुँच गई, पर जब रेलगाड़ियाँ नहीं थीं तो दूर जगहों पर चिट्ठियाँ कैसे पहुँचती थीं?
Advertisements
Solution
जब रेलगाड़ियाँ नहीं थीं तब कबूतर दूर जगतों पर चिट्ठियाँ ले जाने का काम करते थे। कभी-कभी आदमी भी चिट्ठियाँ पहुँचाने का काम करते थे।
APPEARS IN
RELATED QUESTIONS
नीचे रीना की चिट्ठी का सफ़र चित्रों में दिया गया है। पर ये क्या! सरे आगे-पीछे हो गए हैं। क्रम के अनुसार चित्रों में बने गोलों में नंबर डालो।

तुम्हें चिट्ठीयों में क्या अंतर दिखाई दिया?
किन-किन चिट्ठियों पर टिकट लगे हैं?
क्या तुमने चिट्ठियों पर डाकघर का ठप्पा लगा देखा हैं?
डाकघर में क्या-क्या चीज़ें हैं?
तुम्हारी चिट्ठी तुम्हारे दोस्त के पास कैसे पहुँची? क्योंकि लिखा था उस पर उसका नाम, उसका पत्ता।
तुमने फ़ोन कहाँ-कहाँ देखा है?
इन टेलीफ़ोन से क्या-क्या हो सकते हैं?

तुम अपने लिए एक फ़ोन डिज़ाइन करो इसकी खास बातें बताओ। हमने चिट्ठी भी लिखी, फ़ोन चिट्ठी और फ़ोन में कौन-सी बातेंभी किया। बताओ कि एक जैसी हैं और कौन-सी अलग-अलग?
यदि डाकघर न हो तो संदेश पहुँचाने कौन-कौन से तरिके हैं?
