Advertisements
Advertisements
Question
रदरफोर्ड के प्रयोग में सोने, प्लैटिनम आदि भारी परमाणुओं की पतली पन्नी को α-कणों द्वारा बमबारी की जाती है। यदि ऐलुमिनियम आदि जैसे हल्के परमाणु की पतली पन्नी ली जाए, तो उपरोक्त परिणामों में क्या अंतर होगा?
Short/Brief Note
Advertisements
Solution
हल्के परमाणुओं जैसे ऐलुमिनियम के नाभिक छोटे तथा कम धन आवेश युक्त होते हैं। यदि इनका प्रयोग रदरफोर्ड के प्रयोग में α-कणों द्वारा बमबारी के लिए किया जाये तो नाभिकों के छोटे होने के कारण अधिकतर α-कण लक्ष्य परमाणुओं से बिना टकराये ही बाहर निकल जायेंगे। जो कण नाभिक से टकरायेगें वे भी कम नाभिकीय आवेश के कारण अधिक विचलित नहीं होंगे।
shaalaa.com
परमाणु मॉडल - रदरफोर्ड का नाभिकीय परमाणु मॉडल
Is there an error in this question or solution?
