English

रबर अणुओं में द्विबंधों की उपस्थिति किस प्रकार उनकी संरचना और क्रियाशीलता को प्रभावित करती है? - Chemistry (रसायन विज्ञान)

Advertisements
Advertisements

Question

रबर अणुओं में द्विबंधों की उपस्थिति किस प्रकार उनकी संरचना और क्रियाशीलता को प्रभावित करती है?

Answer in Brief
Advertisements

Solution

प्राकृतिक रबर सिस-पॉलिआइसोप्रीन है तथा इसका निर्माण आइसोप्रीन इकाइयों के 1, 4-बहुलकन द्वारा निम्न प्रकार होता है

इस बहुलक में प्रत्येक आइसोप्रीन इकाई के C2 व C3 के मध्य द्विबन्ध उपस्थित हैं। आइसोप्रीन इकाइयों की इस प्रकार सिस व्यवस्था के कारण बहुलक श्रृंखलाएँ दुर्बल अन्त: अणुक आकर्षण बल की उपस्थिति के कारण प्रभावशाली अन्तः अणुक क्रिया हेतु एक-दूसरे के समीप नहीं आ पातीं। अत: निकटस्थ श्रृंखलाओं के मध्य केवल दुर्बल वाण्डरवाल्स बल विद्यमान रहते हैं। इसलिए रबर की अनियमित कुण्डलित संरचना होती है। इसे एक स्प्रिंग की भाँति खींचा जा सकता है, अर्थात् इसमें प्रत्यास्थता का गुण पाया जाता है।

shaalaa.com
बहुलकन के प्रकार
  Is there an error in this question or solution?

RELATED QUESTIONS

निम्नलिखित बहुलक को बनाने वाले एकलक के नाम लिखिए -


समबहुलक और सहबहुलक पदों (शब्दों) में विभेद कर प्रत्येक को एक उदाहरण दीजिए।


प्रत्यास्थ बहुलकों में प्रत्यास्थ गुण किस कारण से होता है ?


संकलन और संघनन बहुलकन के मध्य आप किस प्रकार विभेद करेंगे? ।


तापसुघट्य बहुलक को परिभाषित कीजिए और उदाहरण दो।


निम्नलिखित बहुलक के एकलक का नाम और संरचना लिखिए:

ब्यूना - S


निम्नलिखित बहुलक के एकलक का नाम और संरचना लिखिए:

डेक्रॉन


निम्नलिखित बहुलक के एकलक का नाम और संरचना लिखिए:

निओप्रीन


एथिलीन ग्लाइकॉल और टेरेफ्थैलिक अम्ल से डेक्रॉन किस प्रकार प्राप्त किया जाता है?


जैव-निम्नीकरणीय बहुलक क्या हैं? एक जैव-निम्नीकरणीय ऐलिफैटिक पॉलिएस्टर का उदाहरण दीजिए।


Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×