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Question
पर्यटन के कोई तीन प्रकार स्पष्ट कीजिए।
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Solution
- ऐतिहासिक पर्यटन:
- यह पूरे विश्व का महत्त्वपूर्ण पर्यटन प्रकार है। लोगों काे इतिहास के संदर्भों को लेकर जो जिज्ञासा होती है; उसे ध्यान में रखकर ऐतिहासिक पर्यटन-सैर का आयोजन किया जाता है।
- महाराष्ट्र में छत्रपति शिवाजी महाराज द्वारा निर्मित किलों/गढ़ों के दुर्ग अध्येता गोपाल नीलकंठ दांडेकर दुर्गभ्रमण सैर का आयोजन करते थे।
- भारत में राजस्थान के किले, महात्मा गांधी और आचार्य विनोबा भावे के आश्रम, १85७ ई. के राष्ट्रीय विद्रोह से संबंधित स्थान जैसे ऐतिहासिक स्थानों की सैर का आयोजन किया जाता है।
- भौगोलिक पर्यटन:
- विभिन्न भौगोलिक विशेषताओं का निरीक्षण करने हेतु पर्यटन किया जाता है।
- अभयारण्य, वैली ऑफ फ्लॉवर्स (उत्तराखंड), समुद्री किनारे, भौगोलिक वैशिष्ट्यपूर्ण स्थान (जैसे- बुलढाणा की लोणार झील, निघोज के रांजणखलगे (कुंभगर्तिका) आदि का समावेश भौगोलिक पर्यटन में होता है। इनमें से अनेक स्थानों की प्रकृति का अवलोकन करने की इच्छा और कुतूहल को लेकर अनेक पर्यटन इन स्थानों पर जाते हैं।
- स्वास्थ्य पर्यटन:
- भारत में मिलनेवाली चिकित्सा संबंधी सेवाएँ और सुविधाएँ पाश्चात्यों की दृष्टि से सस्ती और उत्तम श्रेणी की होती हैं। परिणामस्वरूप विदेशी लोग भारत में आने लगे हैं।
- भारत में विपुल मात्रा में सूर्यप्रकाश होता है। उसका लाभ प्राप्त करने के लिए अनगिनत लोग भारत में आते हैं। योग शिक्षा और आयुर्वेदिक उपचार हेतु विदेशी पर्यटक भारत में आते हैं।
- कृषि पर्यटन:
- शहरी संस्कृति में पले-बढ़े और कृषि जीवन से अनजान लोगों के लिए कृषि पर्यटन एक प्रकार है।
- वर्तमान समय में कृषि पर्यटन शीघ्रता से आगे बढ़ रहा है। वर्तमान समय में किसान दूर-दूर के कृषि अनुसंधान केंद्रों, कृषि विश्वविद्यालयों, कृषि क्षेत्र में नव-नवीन प्रयोगों द्वारा नया तकनीकी विज्ञान विकसित करने वाले इजरायल जैसे देशों में कृषि के आधुनिक तकनीकी विज्ञान की जानकारी प्राप्त करने के लिए जाने लगे हैं।
- क्रीड़ा पर्यटन:
- बीसवीं शताब्दी में खेल पर्यटन इस नए पर्यटन का उदय हुआ है। विश्व स्तर पर ओलिंपिक, विंबल्डन और विश्व शतरंज प्रतियोगिता, अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट की प्रतियोगिताएँ तो भारतीय स्तर पर हिमालयीन कार रैली और महाराष्ट्र के स्तर पर महाराष्ट्र केसरी कुश्ती
- प्रतियोगिता जैसी प्रतियोगिताओं के प्रकार हैं। इन प्रतियोगिताओं को देखने जाना खेल पर्यटन कहलाता है।
- प्रासंगिक पर्यटन:
- मनुष्य पर्यटन अर्थात घूमने के कारण ढूँढ़ता रहता है । इक्कीसवीं शताब्दी में ऐसे अनेक अवसर उपलब्ध हुए हैं । जैसे-विश्व के अनेक देशों में फिल्म फेस्टिवल्स, सम्मेलन, अंतर्राष्ट्रीय पुस्तक प्रदर्शनियाँ आदि। इन उद्देश्यों को लेकर लोग विभिन्न स्थानों पर जाते रहते हैं।
- महाराष्ट्र के साहित्यप्रेमी भी प्रतिवर्ष आयोजित किए जाने वाले अखिल भारतीय मराठी साहित्य सम्मेलनों में सम्मिलित होने के लिए जाते हैं।
Notes
छात्र अपने प्रश्नों और अंकों के आधार पर उपलब्ध समाधान का संदर्भ ले सकते हैं।
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