Advertisements
Advertisements
Question
निम्नलिखित अपठित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर उस पर आधारित दिए गए प्रश्नों के उत्तर लिखिए:
|
पर्यावरण के प्रति जागरूकता पैदा करने और पृथ्वी को संरक्षित करने के लिए स्वीडन से 5 जून को विश्व पर्यावरण दिवस आयोजित करने का सिलसिला प्रारंभ हुआ। वर्ष 2025 में पर्यावरण दिवस का विषय था - ‘वैश्विक प्लास्टिक प्रदूषण का अंत’। प्लास्टिक हमारे जीवन के अनेक पहलुओं में आवश्यक है मगर इसके कारण ‘एक बार प्रयोग होने वाली उपभोक्ता संस्कृति’ और ‘इस्तेमाल करो और फेंको’ पीढ़ी का जन्म हुआ है। मनुष्य की इस गतिविधि का नुकसान उसके साथ-साथ असहाय पशु-पक्षियों और प्रकृति को भी भुगतना पड़ रहा है। संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण की एक रिपोर्ट के अनुसार एक दिन में लगभग 144 करोड़ प्लास्टिक की बोतलों का उपयोग होता है। हम पृथ्वी पर प्लास्टिक कचरे की ऐसी विरासत छोड़ रहे हैं जिसका कोई अंत नहीं । शहरों में जल जमाव की समस्या का मुख्य कारण प्लास्टिक कचरा ही है। 99 प्रतिशत प्लास्टिक जीवाश्म ईंधन से तैयार होता है जो जैविक रूप से कभी नष्ट नहीं होता। लोगों में यह भ्राँति है कि समस्त प्लास्टिक का पुनः उपयोग हो जाता है। देश में मात्र 12 प्रतिशत प्लास्टिक का ही पुन: उपयोग हो रहा है और 20 प्रतिशत प्लास्टिक कचरा जलाया जा रहा हैं जिससे पर्यावरण को क्षति पहुँच रही है। अजर-अमर दिखने वाले दानव का वध करने के लिए लोगों को इसके समाधान का हिस्सा बनना होगा। प्लास्टिक उत्पादक उद्यमों को इसके विकल्पों को तलाशने और इसके पुनर्चक्रण पर ध्यान देना होगा। आम नागरिकों को अहम् भूमिका निभानी होगी क्योंकि यदि नागरिकों को कर्तव्य समझ में आ जाएँ तो स्थिति में सुधार लाया जा सकता है। हम सब अपने और अपने परिजनों के लिए स्वस्थ जीवन चाहते हैं, तो हमें अपनी आदतों में बदलाव लाना होगा। बदलाव कठिन हो सकता है, लेकिन पर्यावरण बिगाड़ने वाली इस बिल्ली के गले में घंटी बाँधनी ही होगी । |
- पर्यावरण बिगाड़ने वाली ‘बिल्ली के गले में घंटी बाँधने’ से क्या अभिप्राय है? [1]
- नदियों में अपशिष्ट पदार्थों को न डालने की शुरुआत
- कूड़े-कचरे को जलाना बंद करने की शुरुआत
- सूखे और गीले कचरे को अलग के की शुरुआत
- प्लास्टिक के प्रयोग को धीरे-धीरे बंद करने की शुरुआत
- प्लास्टिक के विषय में लोगों में क्या भ्राँति है? [1]
- सफ़ेद प्लास्टिक की थैलियों में रखी खाद्य सामग्री सुरक्षित है।
- समस्त प्लास्टिक कचरे को पुनः उपयोग योग्य बनाया जा सकता है।
- समय के साथ प्लास्टिक स्वयं ही धीरे-धीरे नष्ट हो जाता है।
- प्लास्टिक कचरे से पर्यावरण को कोई क्षति नहीं पहुँचती।
- गद्यांश के अनुसार शहरों में जल जमाव की समस्या का मुख्य कारण है: [1]
- प्लास्टिक कचरा
- बढ़ती आबादी
- पारंपरिक बनावट
- अतिक्रमण
- प्लास्टिक के प्रयोग ने किस नई संस्कृति को जन्म दिया है और उसके क्या दुष्परिणाम सामने आ रहे हैं? [2]
- ‘प्लास्टिक प्रदूषण पर रोकथाम आम आदमी की सहभागिता से ही लग सकता है’ - कैसे? स्पष्ट कीजिए। [2]
Advertisements
Solution
- (D) प्लास्टिक के प्रयोग को धीरे-धीरे बंद करने की शुरुआत
- (B) समस्त प्लास्टिक कचरे को पुनः उपयोग योग्य बनाया जा सकता है।
- (A) प्लास्टिक कचरा
- प्लास्टिक के उपयोग ने “एक बार प्रयोग होने वाली उपभोक्ता संस्कृति” और “इस्तेमाल करो और फेंको” की एक नई पीढ़ी को जन्म दिया है। इसके बुरे परिणामों में शामिल हैं कि इससे मनुष्य, प्रकृति और पशु-पक्षियों को भारी नुकसान हो रहा है और शहरी जल-जमाव की समस्या बढ़ रही है।
- प्लास्टिक प्रदूषण को कम करने के लिए आम लोगों को अपनी आदतों में सुधार करना चाहिए. उदाहरण के लिए, वे कचरा जलाना बंद कर देंगे, सूखे और गीले कचरे को अलग कर देंगे और प्लास्टिक की जगह प्लास्टिक के विकल्प खोजेंगे। स्थिति सुधर सकती है जब लोग अपनी जिम्मेदारियों को समझेंगे।
