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Question
प्रथम n विषम प्राकृत संख्याओं का योग n2 है।
Options
सत्य
असत्य
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Solution
यह कथन सत्य है।
स्पष्टीकरण -
दिया गया है - प्रथम n विषम प्राकृत संख्याएँ
विषम प्राकृत संख्या = 2n – 1 होगी
जैसा कि हम जानते हैं, विषम प्राकृत संख्याओं का योग
= `(2 xx n xx (n + 1))/2 - n`
= n(n + 1) – n
= n2 + n – n
= n2
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