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परिभ्रमण के कारण पृथ्वी पर निर्माण होने वाला अपकेंद्री बल।

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Question

परिभ्रमण के कारण पृथ्वी पर निर्माण होने वाला अपकेंद्री बल।

Short Answer
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Solution

  1. ऋतुओं का निर्माण: परिभ्रमण के कारण पृथ्वी पर गर्मी, सर्दी, बरसात और वसंत जैसी ऋतुएँ बनती हैं।
  2. दिन और रात की अवधि में बदलाव: परिभ्रमण के कारण दिन और रात की लंबाई ऋतु के अनुसार बदलती है।
  3. विषुव और अयनांत: परिभ्रमण से विषुव दिन-रात बराबर और सूर्यस्थति सबसे बड़ा या छोटा दिन होते हैं।
  4. मौसम में अंतर: परिभ्रमण और पृथ्वी की झुकी धुरी के कारण उत्तर और दक्षिण गोलार्ध में मौसम अलग होते हैं।

परिभ्रमण से पृथ्वी पर ऋतुएँ, दिन-रात की अवधि में बदलाव और मौसम परिवर्तन होता है। 

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Chapter 3: ज्वार-भाटा - बताओ तो [Page 185]

APPEARS IN

Balbharati Bhugol Ekatmik [Hindi] Standard 7 Maharashtra State Board
Chapter 3 ज्वार-भाटा
बताओ तो | Q ३. (३) | Page 185
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