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पावस ऋतु थी, पर्वत प्रदेश, पल–पल परिवर्तित प्रकृति–वेश। मेखलाकार पर्वत अपार अपने सहस्र दृग–सुमन फाड़, अवलोक रहा है बार–बार नीचे जल में निज महाकार - Hindi Course - B

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Question

निम्नलिखित पठित काव्यांश पर आधारित बहुविकल्पीय प्रश्नों के सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प चुनकर लिखिए:

पावस ऋतु थी, पर्वत प्रदेश,
पल–पल परिवर्तित प्रकृति–वेश।
मेखलाकार पर्वत अपार
अपने सहस्र दृग–सुमन फाड़,
अवलोक रहा है बार–बार
नीचे जल में निज महाकार,
– जिसके चरणों में पला ताल
दर्पण–सा फैला है विशाल।

(क) काव्यांश में किस ऋतु की बात की गई है?  (1)

  1. वर्षा
  2. ग्रीष्म
  3. शरद
  4. शीत

(ख) तालाब की तुलना दर्पण से क्यों की गई है?  (1)

  1. विशाल होने से
  2. बड़ा होने से
  3. साफ़ और स्थिर होने से
  4. पारदर्शी होने से

(ग) प्रकृति के स्वरूप में पल–पल परिवर्तन क्यों हो रहा है?  (1)

  1. बादल के कारण
  2. वर्षा के कारण
  3. धूप के कारण
  4. वर्षा ऋतु के कारण

(घ) पर्वत बार–बार अपने को क्यों देख रहा है?  (1)

  1. सुंदर होने से
  2. फूल खिलने से
  3. अविश्वास के कारण
  4. उत्साहित होने से

(ङ) निम्नलिखित कथन और कारण पर विचार करते हुए उपयुक्त विकल्प का चयन करके लिखिए:  (1)

कथन: पर्वत अपने रूप पर मुग्ध हो रहा है।

कारण: नीचे जमे जल में स्वरूप दिखाई दे रहा है।

विकल्प:

  1. कथन सही है, किंतु कारण गलत है।
  2. कथन गलत है, किंतु कारण सही है।
  3. कथन सही है और कारण की सही व्याख्या है।
  4. कथन सही है, किंतु कारण कथन की सही व्याख्या नहीं है।
Comprehension
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Solution

(क) वर्षा

(ख) साफ़ और स्थिर होने से

(ग) वर्षा ऋतु के कारण

(घ) उत्साहित होने से

(ङ) कथन सही है और कारण कथन की सही व्याख्या है।

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