Advertisements
Advertisements
Question
पानी में जलती मोमबत्ती
जूते का एक खाली डिब्बा लीजिए, जो एक ओर से खुला हो। इसमें एक छोटी जलती हुई मोमबत्ती रखिए। पारदर्शक काँच की एक शीट (लगभग 25 cm × 25 cm.) इस मोमबत्ती के सामने रखिए चित्र। काँच की शीट के पीछे मोमबत्ती के प्रतिबिंब की स्थिति नोट कीजिए। इस स्थिति पर पानी से भरा एक गिलास रखिए। अपने मित्रों से काँच कीशीट के आर-पार मोमबत्ती के प्रतिबिंब को देखने के लिए कहिए। आपके मित्रों को यह देखकर आश्चर्य होगा कि मोमबत्ती पानी में जल रही है। कारण की व्याख्या करने का प्रयत्न कीजिए।

Advertisements
Solution
पानी में जलती मोमबत्ती
सामग्री:
- जूते का एक खाली डिब्बा, जो एक ओर से खुला हो
- एक छोटी जलती हुई मोमबत्ती
- पारदर्शक काँच की एक शीट (लगभग 25 cm × 25 cm)
- पानी से भरा एक गिलास
प्रक्रिया:
- जूते के खाली डिब्बे में एक छोटी जलती हुई मोमबत्ती रखें।
- पारदर्शक काँच की शीट को मोमबत्ती के सामने खड़ा करें।
- काँच की शीट के पीछे मोमबत्ती के प्रतिबिंब की स्थिति नोट करें।
- इस स्थिति पर पानी से भरा एक गिलास रखें।
- अपने मित्रों से कहें कि वे काँच की शीट के आर-पार मोमबत्ती के प्रतिबिंब को देखें।
परिणाम:
- आपके मित्रों को ऐसा लगेगा कि मोमबत्ती पानी में जल रही है, जो उन्हें आश्चर्यचकित करेगा।
व्याख्या:
- काँच की शीट पारदर्शक होने के कारण, प्रकाश उसमे से गुजरता है और मोमबत्ती का प्रतिबिंब बनाता है।
- जब आप काँच की शीट के पीछे पानी से भरा गिलास रखते हैं, तो पानी की अपवर्तन क्षमता के कारण प्रतिबिंब का स्थान बदल जाता है।
- इस अपवर्तन के कारण मोमबत्ती का प्रतिबिंब ऐसा प्रतीत होता है जैसे वह पानी के अंदर जल रही हो।
निष्कर्ष:
- इस प्रयोग के माध्यम से आप देख सकते हैं कि कैसे प्रकाश का अपवर्तन (रिफ्रैक्शन) पारदर्शी माध्यमों से होकर गुजरते समय छवियों की स्थिति को बदल सकता है। यह एक रोचक और मजेदार तरीका है प्रकाश के गुणों को समझने का।
RELATED QUESTIONS
अवतल दर्पण के मुख्य फोकस की परिभाषा लिखिए।
मान लीजिए आप एक अंधेरे कमरे में हैं। क्या आप कमरे में वस्तुओं को देख सकते हैं? क्या आप कमरे के बाहर वस्तुओं को देख सकते हैं। व्याख्या कीजिए।
यह दर्शाने के लिए की आपतित किरण, परावर्तित किरण तथा आपतन बिंदु पर अभिलंब एक ही तल में होते हैं, एक क्रियाकलाप का वर्णन कीजिए।
एक समतल दर्पण के सामने 1m दूर खड़ा एक व्यक्ति अपने प्रतिबिंब से ______ m दूर दिखाई देता है।
समतल दर्पण द्वारा बनाया गया प्रतिबिंब होता है -
- A पर स्थित किसी वस्तु के समतल दर्पण में बनने वाले प्रतिबिंब की स्थिति ज्ञात कीजिए।
- क्या स्थिति B से पहेली प्रतिबिंब को देख सकती है?
- क्या स्थिति C से बूझो इस प्रतिबिंब को देख सकता है?
- जब पहेली B से C पर चली जाती है तो A का प्रतिबिंब किस ओर खिसक जाता है?
10mm लंबी कोई सुई किसी अवतल दर्पण के सामने ऊर्ध्वाधर रखी है। इस सुई का 5 mm लंबा प्रतिबिंब दर्पण के सामने 30 cm दूरी पर बनता है। दर्पण की फोकस दूरी है :
निम्नलिखित में से किस स्थिति में कोई अवतल दर्पण बिंब से बड़ा वास्तविक प्रतिबिम्ब बना सकता है?
वायु से काँच के आयताकार स्लैब पर आपतित किसी प्रकाश किरण का गमन पथ से चार विद्यार्थियों A, B, C, D ने चित्र में दर्शाए अनुसार आरेखित किया। इनमें से कौन-सा सही है?
![]() |
![]() |
![]() |
![]() |
| A | B | C | D |
उत्तल लेंस द्वारा प्रतिबिंब बनना दर्शाने के लिए प्रकाश किरण आरेख खींचिए जबकि बिंब स्थित है :
- लेंस के प्रकाशिक केंद्र और फोकस के बीच
- लेंस के फोकस तथा लेंस की फोकस दूरी के दोगुने के बीच
- लेंस की फोकस दूरी के दोगुने पर
- अनंत पर
- लेंस के फोकस पर




