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Question
निम्नलिखित विषय पर दिए गए संकेत बिंदुओं के आधार पर लगभग 100 शब्दों में एक अनुच्छेद लिखिए:
बढ़ती नारी-शक्ति
संकेत-बिंदुः
- बदलता समय
- नारी के मजुबूत कदम
- सभी क्षेत्रों में नारी की पहुँच
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Solution
बढ़ती नारी-शक्ति
आज महिलाएँ परिवार और समाज के सभी बंधनों से मुक्त होकर अपने निर्णयों की निर्माता खुद है। बढ़ती नारी-शक्ति आज के बदलते समय की एक महत्वपूर्ण पहचान है। समाज में नारी के मजबूत कदम अब हर क्षेत्र में देखे जा सकते हैं। शिक्षा, राजनीति, विज्ञान, खेल, कला और व्यवसाय जैसे सभी क्षेत्रों में महिलाएँ अपनी क्षमता और प्रतिभा का परिचय दे रही हैं। आज के आधुनिक समय में महिला सशक्तीकरण एक विशेष चर्चा का विषय है। हमारे आदि-ग्रंथों में नारी के महत्व को मानते हुए यहाँ तक बताया गया है कि “यत्र नार्यस्तु पूज्यन्ते रमन्ते तत्र देवता” अर्थात् जहाँ नारी की पूजा होती है, वहाँ देवता निवास करते हैं। पहले जहाँ उन्हें घर तक सीमित माना जाता था, अब वे अपनी योग्यता से नई ऊँचाइयों को छू रही हैं। राष्ट्र के विकास में महिलाओं का महत्व और अधिकार के बारे में समाज में जागरूकता लाने के लिये मातृ दिवस, अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस आदि जैसे कई सारे कार्यक्रम सरकार द्वारा चलाए जा रहे हैं।
यदि कोई नारी कुछ करने का निश्चय कर ले तो वह उस कार्य को किए बिना पीछे नहीं हटती है, और वह बहुत से क्षेत्रों में पुरुषों से बेहतरीन कार्य कर अपनी शक्ति का परिचय देती है। प्राचीन काल से ही हमारे समाज में झाँसी की रानी, कल्पना चावला और इंदिरा गाँधी जैसी बहुत सी महिलाएँ रही हैं जिन्होंने समय-समय पर नारी शक्ति का परिचय दिया है और समाज को बताया है। आधुनिक युग में भी महिलाओं ने अपने अधिकारों के बारे में जाना है, और अपने जीवन से जुड़े निर्णय स्वयं लेने लगी है। आज भी महिला कोमल और मधुर ही है लेकिन उसने अपने अंदर की नारी शक्ति को जाग्रत किया है और अन्याय का विरोध करना शुरू किया है। हम सबको नारी शक्ति को प्रणाम करना चाहिए और उनकी मदद करनी चाहिए, क्योंकि यदि देश की नारी विकसित होगी तो हर घर, हर गली और पूरा देश विकसित होगा।
महिलाओं ने अनेक क्षेत्रों में विकास किया है। आज हमारे देश के सर्वोच्च पद पर एक महिला ही आसीन है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु देश की नारी शक्ति का उदाहरण है। इसके साथ ही प्रगति का कोई क्षेत्र ऐसा नहीं है जहाँ महिलाएँ पुरुषों के बराबरी में न हो। यहाँ तक कि देश की सुरक्षा का दायित्व भी महिलाओं ने अपने ताकतवर कंधों पर रखा हुआ है। नारी समाज का एक महत्वपूर्ण अंग है जिसके बिना समाज की कल्पना भी नहीं की जा सकती है। नारी के अंदर सहनशीलता, धैर्य, प्रेम, ममता और मधुर वाणी जैसे बहुत से गुण विद्यमान हैं जो कि नारी की असली शक्ति हैं। नारी-शक्ति के इस उत्थान से समाज में लैंगिक समानता को बढ़ावा मिल रहा है, और महिलाएँ आत्मनिर्भर बनकर देश के विकास में सक्रिय योगदान दे रही हैं। यह बदलाव प्रेरणादायक और सराहनीय है।
