Advertisements
Advertisements
Question
निम्नलिखित विषय पर 80 से 100 शब्दों में निबंध लिखिए।
फूल की आत्मकथा
Advertisements
Solution
फूल की आत्मकथा
मैं एक सुंदर और नाजुक फूल हूँ। मेरा जन्म एक हरी-भरी बगिया में हुआ, जहाँ ताजगी और खुशबू हर ओर फैली हुई थी। सूरज की पहली किरणें मेरे कोमल पंखुड़ियों को छूतीं और ओस की बूँदें मुझे ताजगी से भर देतीं। हवा के हल्के झोंके मुझे झुलाते और मैं खुशी से झूम उठता। मेरी रंगत और खुशबू से लोग आकर्षित होते और मेरी ओर देखते ही मुस्कुरा उठते।
एक दिन माली ने मुझे बड़े प्यार से तोड़ा और पूजा की थाली में रख दिया। वहाँ मुझे भगवान के चरणों में अर्पित किया गया। यह मेरे जीवन का सबसे पावन और गौरवपूर्ण क्षण था। मुझे खुशी थी कि मैं भगवान की सेवा में काम आया। इसके बाद धीरे-धीरे मैं मुरझा गया, लेकिन मुझे कोई दुख नहीं था क्योंकि मैंने अपने जीवन को सार्थक बना लिया था।
मेरा जीवन छोटा जरूर था, लेकिन मैंने अपनी खुशबू और सुंदरता से दूसरों के चेहरे पर मुस्कान लाने का प्रयास किया। फूलों का जीवन भले ही क्षणिक होता है, लेकिन हम प्रकृति को सजाने और मानव जीवन को खुशहाल बनाने का कार्य करते हैं। यही मेरे जीवन की सबसे बड़ी उपलब्धि है।
मेरा जीवन खुशबू और सुंदरता से भरा हुआ है। मैं इस धरती पर प्रकृति का अनमोल उपहार हूँ। मेरे कई प्रकार हैं, जैसे गुलाब, चमेली, चंपा, कमल, गुड़हल, गेंदा और सूरजमुखी। हर रूप में मैं खास और मनमोहक हूँ, इसलिए लोग मुझे बहुत पसंद करते हैं। आज मैं अपनी आत्मकथा आपके सामने प्रस्तुत कर रहा हूँ।
मेरा जन्म एक सुंदर बगिया में हुआ। मैं एक गेंदे के पेड़ पर खिला था। सूरज की पहली किरण के साथ मेरा अस्तित्व इस दुनिया में आया। मैंने देखा कि मेरे जैसे कई अन्य फूल भी उस पेड़ पर खिले थे। ताजी हवा और पानी का स्पर्श मुझे रोमांचित कर रहा था। तभी बगिया का माली आया। मुझे खिला देखकर उसका चेहरा खुशी से चमक उठा।
तीन दिन बाद माली फिर आया और उसने हम सभी फूलों को पेड़ से तोड़ लिया। मैं हैरान था कि वह ऐसा क्यों कर रहा है। माली हमें अपने घर ले गया, जहाँ मैंने देखा कि ढेर सारे फूल और मालाएँ रखी हुई थीं। यह सब देखकर मैं समझ गया कि मेरा जीवन दूसरों के लिए खुशियाँ और सौंदर्य फैलाने के लिए है।
कुछ दिनों बाद माली ने मुझे तोड़ लिया और मैं पूजा की थाली में सज गया। मुझे भगवान के चरणों में अर्पित किया गया। यह मेरे लिए गर्व का क्षण था। लेकिन मुझे पता है कि मेरा जीवन क्षणिक है। मैं धीरे-धीरे मुरझा जाऊँगा, फिर भी मुझे खुशी है कि मैंने दूसरों के जीवन में खुशियाँ और सौंदर्य भरने का काम किया। मेरा जीवन छोटा सही, लेकिन सार्थक रहा।
