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Maharashtra State BoardSSC (English Medium) 10th Standard

निम्नलिखित पठित गद्यांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए। आम तौर से माना जाता है कि रुपया, नोट या सोना-चाँदी का सिक्‍का ही संपत्‍ति है, - Hindi (Second/Third Language) [हिंदी (दूसरी/तीसरी भाषा)]

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Question

निम्नलिखित पठित गद्यांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए।

आम तौर से माना जाता है कि रुपया, नोट या सोना-चाँदी का सिक्‍का ही संपत्‍ति है, लेकिन यह ख्याल गलत है क्‍योंकि ये तो संपत्‍ति के माप-तौल के साधन मात्र हैं। संपत्‍ति तो वे ही चीजें हो सकती हैं जो किसी-न-किसी रूप में मनुष्‍य के उपयोग में आती हैं। उनमें से कुछ ऐसी हैं जिनके बिना मनुष्‍य जिंदा नहीं रह सकता एवं कुछ, सुख-सुविधा और आराम के लिए होती हैं। अन्न, वस्‍त्र और मकान मनुष्‍य की प्राथमिक आवश्यकताएँ हैं, जिनके बिना उसकी गुजर-बसर नहीं हो सकती। इनके अलावा दूसरी अनेक चीजें हैं जिनके बिना मनुष्‍य रह सकता है।

प्रश्न उठता है कि संपत्‍तिरूपी ये सब चीजें बनती कैसे हैं? सृष्‍टि में जो नानाविध द्रव्य तथा प्राकृतिक साधन हैं, उनको लेकर मनुष्‍य शरीर श्रम करता है, तब यह काम की चीजें बनती हैं। अतः संपत्‍ति के मुख्य साधन दो हैं: सृष्‍टि के द्रव्य और मनुष्‍य का शरीर श्रम। यंत्र से कुछ चीजें बनती दिखती हैं पर वे यंत्र भी शरीर श्रम से बनते हैं और उनको चलाने में भी प्रत्‍यक्ष या अप्रत्‍यक्ष शरीर श्रम की आवश्यकता होती है। केवल बौद्‌धिक श्रम से कोई उपयोग की चीज नहीं बन सकती अर्थात बिना शरीर श्रम के संपत्‍ति का निर्माण नहीं हो सकता।

  1. गद्यांश में ढूँढ़कर लिखिए: 2
    1. संपत्ति के माप-तौल के साधन -
      1. ........
      2. ........
    2. संपत्ति के मुख्य साधन -
      1. ........
      2. ........
  2. निम्नलिखित विधान सही अथवा गलत पहचानकर लिखिए: 2
    1. यंत्र शरीर श्रम से बनते हैं। .......
    2. बौद्‌धिक श्रम से ही उपयोग की चीज बनती हैं। .......
    3. अन्न, वस्त्र और मकान मनुष्य की प्राथमिक आवश्यकताएँ नहीं हैं। .......
    4. बिना शरीर श्रम के संपत्ति का निर्माण नहीं हो सकता - .......
    1. वचन परिवर्तन कीजिए: 1
      1. यंत्र - ........
      2. चीज - ........
    2. निम्नलिखित शब्दों के लिए गद्यांश में प्रयुक्त विलोम शब्द लिखिए: 1
      1. मृत × ........
      2. मानवनिर्मित × ........
  3. ‘श्रम ही पूजा है’ इस विषय पर 25 से 30 शब्दों में अपने विचार लिखिए। 2
Comprehension
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Solution

    1. संपत्ति के माप-तौल के साधन -
      1. रुपया
      2. नोट/सोना-चाँदी
    2. संपत्ति के मुख्य साधन -
      1. सृष्टि के द्रव्य
      2. मनुष्य का शरीर श्रम
    1. सही
    2. गलत
    3. गलत
    4. सही
      1. यंत्र - यंत्र
      2. चीज - चीजें
      1. मृत × जीवित, जिंदा
      2. मानवनिर्मित × प्राकृतिक
  1. जीवन में मेहनत का बहुत बड़ा महत्त्व है। किसी भी वस्तु के निर्माण के लिए परिश्रम आवश्यक होता है। जो लोग इस सत्य को समझते हैं, वे हमेशा श्रम का आदर करते हैं और उसे अपने जीवन का हिस्सा बना लेते हैं। परिश्रम करने वाला व्यक्ति अपने और अपने परिवार के पालन-पोषण के लिए मेहनत करता है तथा सम्मानपूर्वक जीवन जीता है। वह अपने परिश्रम से ही अपना भविष्य गढ़ता है। वह अपना पसीना बहाकर ईमानदारी की कमाई करता है। मजदूर, किसान, तकनीशियन, व्यापारी, खिलाड़ी और कर्मचारी,सभी की उन्नति में मेहनत की ही मुख्य भूमिका होती है। इसलिए हमें श्रम को पूजा के समान मानकर अपनाना चाहिए, ताकि हमारा जीवन सुखी और सफल बन सके।

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