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Question
निम्नलिखित पठित गद्यांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए:
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‘यास्नाया पोल्याना’ मास्को के दक्षिण में कोई २०० किलोमीटर पर है। जब हम मास्को से रवाना हुए तो चारों ओर मंत्रमुग्ध करने वाली दृश्यावलि दिखाई पड़ी। देवदार और भोज वृक्षों के झुरमुट पंक्ति बाँधे सैनिकों की भाँति खड़े थे। हम यह दृश्यावलि देखते, कभी बातें करते, कभी इस सुषमा का मूकपान करते चले जा रहे थे। हमारी गाड़ी सुंदर सड़क पर पक्षी की भाँति उड़ी जा रही थी। रास्ते में छोटे-छोटे परंतु सुंदर मकान मिले, कुछ काठ के बने थे, कुछ कंक्रीट के चमकदार हरे और लाल रंग के थे। ऐसा लगता था मानो कोई जादूगर अपने खिलौने छोड़ गया हो। मुझे यह देखकर विस्मय हुआ कि एक गाँव का नाम ‘चेखोव’ था। ‘चेखोव’ यहाँ लंबे समय तक रहे थे। यह कितनी अच्छी बात है कि इस महान लेखक की स्मृति को सोवियत संघ में सँजोकर रखा गया है। रात में हम ‘तुला’ नामक छोटे किंतु बहुत पुराने शहर में रुके। तुला हमारे यहाँ के प्राचीन नगरों जैसा है। सवेरे हम ‘यास्नाया पोल्याना’ पहुँचे। ‘यास्नाया पोल्याना’ का स्वागत करने के लिए हम अपनी गाड़ी से उतर पड़े। |
(1) तालिका में लिखिए: 2
| गद्यांश में उल्लिखित | |
| शहर | -------------------- |
| दिशा | -------------------- |
| वृक्ष | -------------------- |
| गाँव | -------------------- |
(2) निम्नलिखित असत्य कथन को सत्य करते हुए पुनः लिखिए: 2
- ‘चेखोव’ गाँव में टॉल्स्टॉय लंबे समय तक रहे।
- ‘तुला’ नामक शहर बहुत नया है।
(3) ‘स्मारकों का संवर्धन करना हमारा उत्तरदायित्व है’ इस विषय पर 30 से 40 शब्दों में अपने विचार लिखिए। 3
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Solution
(1)
| गद्यांश में उल्लिखित | |
| शहर | मास्को |
| दिशा | दक्षिण |
| वृक्ष | देवदार/भोज |
| गाँव | चेखोव |
(2)
- ‘चेखोव’ गाँव में चेखोव लंबे समय तक रहे।
- ‘तुला’ नामक शहर बहुत पुराना है।
(3) स्मारकों का संरक्षण और संवर्धन हमारा नैतिक तथा राष्ट्रीय कर्तव्य है। ये हमारी सांस्कृतिक विरासत और राष्ट्रीय पहचान को दर्शाते हैं, पर्यटन और शिक्षा के लिए उपयोगी हैं, युवाओं को प्रेरणा देते हैं और भविष्य की पीढ़ियों के लिए वास्तुशिल्प चमत्कार सुरक्षित रखते हैं।
