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निम्नलिखित प्रश्न के उत्तर लगभग ८० से १०० शब्दों में लिखिए: ओजोन विघटन संकट से बचने के लिए किए गए अंतर्राष्ट्रीय प्रयासों को संक्षेप में लिखिए। - Hindi

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निम्नलिखित प्रश्न के उत्तर लगभग ८० से १०० शब्दों में लिखिए:

ओजोन विघटन संकट से बचने के लिए किए गए अंतर्राष्ट्रीय प्रयासों को संक्षेप में लिखिए।

ओजोन विघटन संकट से बचने के लिए किए गए अंतर्राष्ट्रीय प्रयासों को संक्षेप में लिखिए।

Answer in Brief
Long Answer
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Solution

ओजोन विघटन संकट पर विचार करने के लिए अनेक देशों की पहली बैठक 1985 में विएना में हुई। बाद में सितंबर 1987 में कनाडा के शहर मांट्रियल में बैठक हुई जिसमें दुनिया के 48 देशों ने भाग लिया था। इस बैठक में जिस मसौदे को अंतिम रूप दिया उसे मांट्रियल प्रोटोकॉल कहते हैं। इसके तहत यह प्रावधान रखा गया कि सन् 1995 तक सभी देश सी. एफ. सी. की खपत में 50 प्रतिशत की कटौती तथा 1997 तक 85 प्रतिशत की कटौती करेंगे।

सन् 1990 के ताजा आँकड़ों के अनुसार पूरी दुनिया में सी. एफ. सी. की खपत 12 लाख टन तक पहुँच गई थी जिसकी 30 प्रतिशत हिस्सेदारी अकेले अमेरिका की थी। भारत का प्रतिशत मात्र 0.6 था। भारत की तुलना में अमेरिका की सी. एफ. सी. की खपत 50 गुना ज्यादा थी। समस्या पर विचार करने के लिए लंडन में एक बैठक हुई जहाँ नए प्रशीतनों की खोज और पुरानी तकनीक में विस्थापन के लिए एक कोष बनाने की माँग की गई। यहाँ विकासशील देशों के दबाव के चलते विकसित देशों को कई रियायतें देनी पड़ीं। इसके अंतर्गत नई तकनीकों के हस्तांतरण में मदद के साथ-साथ सी. एफ. सी. के विकल्प की खोज में दूसरे देशों को धन मुहैया कराना मुख्य है। समझौते के तहत यह व्यवस्था है कि सन् 2010 तक विकासशील देश सी. एफ. सी. का इस्तेमाल एकदम बंद कर देंगे। इस दौरान विकसित देश नए प्रशीतकों की खोज में विकासशील देशों की आर्थिक मदद करेंगे।

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ओजोन विघटन का संकट
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Chapter 10: ओजोन विघटन का संकट - स्वाध्याय [Page 55]

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Balbharati Hindi Yuvakbharati [English] Standard 12 Maharashtra State Board
Chapter 10 ओजोन विघटन का संकट
स्वाध्याय | Q ४. (अ) | Page 55
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