Advertisements
Advertisements
Question
निम्नलिखित परिच्छेद को पढ़िए तथा उसके नीचे दिए गए प्रश्नों के उत्तर दीजिए:
| सभी पौधों में प्रकाश संश्लेषण की क्रियाविधि एकसमान नहीं होती। अधिकतर पौधों में, यह गैसीय कार्बन डाइऑक्साइड पर निर्भर करती है जो सीधे पत्तियों में विसरित हो जाती है। परन्तु, कुछ पौधों में कार्बन डाइऑक्साइड पत्तियों की कोशिकाओं की रिक्तिकाओं में जटिल कार्बन यौगिक के भाग के रूप में भण्डारित हो सकती है। यह यौगिक क्लोरोप्लास्ट में स्थानांतरित हो जाता है और प्रकाश संश्लेषण प्रक्रिया के लिए आवश्यकतानुसार कार्बन डाइऑक्साइड को मुक्त करता है। ऐसा माना जाता है कि इस विशेष प्रणाली का विकास उन पौधों में अनुकूलन के परिणामस्वरूप हुआ है जिनके रंध्र (स्टोमेटा) दिन में नहीं खुलते हैं, ताकि जल का संरक्षण हो सके और वे शुष्क (मरुस्थलीय) परिस्थितियों में जीवित रह सकें। |
- प्रकाश संश्लेषण के प्रक्रम के दौरान संपन्न होने वाली घटनाओं की सूची बनाइए।
- अन्य पादपों से विलग ऐसे मरुस्थलीय पौधे पर्यावरण से कार्बन डाइऑक्साइड कब प्राप्त कर सकते हैं?
- एक खुले हुए रंध्र छिद्रके साथ रंध्र (स्टोमेटा) का नामांकित चित्र बनाइए।
Diagram
Short Answer
Advertisements
Solution
i.
- क्लोरोफिल द्वारा प्रकाश ऊर्जा का अवशोषण।
- प्रकाश ऊर्जा का रासायनिक ऊर्जा में रूपांतरण तथा जल का हाइड्रोजन और ऑक्सीजन में विखंडन।
- कार्बोहाइड्रेट (ग्लूकोज) बनाने के लिए कार्बन डाइऑक्साइड का अपचयन।
ii. ये रेगिस्तानी पौधे रात में कार्बन डाइऑक्साइड ग्रहण करते हैं, जब रंध्र खुले होते हैं।
iii.

shaalaa.com
Is there an error in this question or solution?
