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Question
निम्नलिखित परिच्छेद को पढ़िए तथा उसके नीचे दिए गए प्रश्नों के उत्तर दीजिए:
| धातुओं के परिष्करण में एक वैद्युत रासायनिक प्रक्रम प्रयुक्त किया जाता है जिसमें विद्युत-अपघटन द्वारा चुनिंदा धातुओं को घोलकर उन्हें निक्षेपित किया जाता है। विद्युत-अपघटनी परिष्करण कॉपर, जिंक, टिन, निकैल, सिल्वर तथा स्वर्ण जैसे धातुओं के लिए प्रयुक्त किया जाता है। |
(क) ऐनोड पंक की परिभाषा दीजिए। (1)
(ख) कॉपर के विद्युत अपघटनी परिष्करण में, ऐनोड तथा कैथोड के नाम बताइए। (1)
(ग) (i) रासायनिक समीकरण की सहायता से, कॉपर का इसके अयस्क Cu2S से निष्कर्षण को दर्शाइए। (2)
अथवा
(ग) (ii) कॉपर के विद्युत-अपघटनी परिष्करण को दर्शन के लिए एक स्वच्छ एवं नामांकित आरेख बनाइए। (2)
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Solution
(क) ऐनोड पंक वे अघुलनशील अशुद्धियाँ हैं जो विद्युत-अपघटनी शोधन के दौरान विद्युत-अपघटनी सेल के तल पर बैठ जाती हैं। ये अशुद्धियाँ एनोड से गिरती हैं और उसके नीचे जमा हो जाती हैं।
(ख) ऐनोड: अशुद्ध तांबे की छड़
कैथोड: शुद्ध तांबे की पतली चादर
(ग) (i) ताँबा, कॉपर ग्लान्स (Cu2S) से निम्नलिखित चरणों द्वारा निकाला जाता है:
भर्जन: \[\ce{2Cu2S + 3O2 -> 2Cu2O + 2SO2}\]
स्व-अपचयन: \[\ce{2Cu2O + CuS -> 6Cu + SO2}\]
अथवा
(ii)

