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निम्नलिखित पर संक्षिप्त टिप्पणी लिखिए: भारत की परमाणु निति

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Question

निम्नलिखित पर संक्षिप्त टिप्पणी लिखिए:

भारत की परमाणु निति

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Solution

भारत की परमाणु निति - भारत विश्व शांति और सुरक्षा को बढ़ावा दिए जाने के प्रसायों का समर्थक है और इसने सदा इस विषय पर संयुक्त राष्ट्र का समर्थन किया है तथा संयुक्त राष्ट्र ने जब किसी क्षेत्र में शांति सुरक्षा सेना भेजे जाने की अपील की, उसमे योगदान किया। इसके साथ ही भारत निःशस्त्रीकरण का समर्थक है और आरंभ से ही निःशस्त्रीकरण को लागू किए जाने का समर्थक है। परन्तु यह भी सत्य है की भारत ने अपनी परमाणु शक्ति के विकास के प्रयास किए हैं। भारत ने पहला परमाणु परिक्षरण 1974 में किया था। और फिर 1998 में भारत ने सफलता पूर्वक पाँच परमाणु परीक्षण किए। इन परीक्षणो के कारण भारत को महाशक्तियों द्वारा लगाए गए प्रतिबंधों का सामना भी करना पड़ा। परन्तु भारत ने जो कदम उठाया था उससे पीछे नहीं हटा। संयुक्त राष्ट्र संघ ने 1969 में परमाणु अप्रसार संधि लागू की थी और गैर परमाणु शक्ति देशों पर यह प्रतिबंध लगाया था की वे अणु शक्ति का विकास नहीं कर सकते, परमाणु परीक्षण तथा परमाणु विस्फोट नहीं कर सकते। भारत ने इसका विरोध किया था। फिर इस संधि को 1994 में परमाणु परीक्षण प्रतिबंध संधि का नाम दिया गया। भारत ने इसका भी विरोध किया और इसे भी भेदभावपूर्ण बताया और कहा की पाँच राष्ट्रों का परमाणु शक्ति के परीक्षणों तथा विकास पर एकाधिकार देना और शेष सभी देशों पर प्रतिबंध लगाना न्यायपूर्ण नहीं है, समानता के सिद्धांतों जिसके आधार पर संयुक्त राष्ट्र की स्थापना हुई, का उललंघन है। भारत का कहना है की युद्ध के हथियारों के लिए परमाणु परीक्षण करना तथा परमाणु शक्ति का विकास करना उचित नहीं है और इससे विश्व शांति और सुरक्षा को खतरा है। इस पर प्रतिबंध लगाना उचित है। परन्तु विकास और शन्ति के लिए अणुशक्ति के विकास की छूट प्रत्येक राष्ट्र को होनी वांछित और आवश्यक है।

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भारत की परमाणु नीति
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Chapter 4: भारत के विदेश संबंध - प्रश्नावली [Page 80]

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NCERT Rajneeti Vigyaan Swatantra Bharat me Rajneeti [Hindi] Class 12
Chapter 4 भारत के विदेश संबंध
प्रश्नावली | Q 6. (क) | Page 80
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