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Question
निम्नलिखित पंक्तियों में बस शब्द के प्रयोग की विशेषता बताइए –
मैं मजे में हूँ सही है
घर नहीं हूँ बस यही है
किंतु यह बस बड़ा बस है,
इसी बस से सब विरस है'
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Solution
एक ही शब्द बस’ का अनेक बार प्रयोग और अलग-अलग अर्थ में प्रयोग कर कवि ने यमक अलंकार से भी अनोखा उदाहरण प्रस्तुत किया है। सबसे पहले कवि कहता है कि मैं बिलकुल ठीक हूँ, बस अर्थात् केवल यह बात है कि घर पर आपके साथ नहीं हूँ। कवि आगे कहता है कि यह बस अर्थात् केवल अपने-आप में बड़ी बात है। वह कहना चाहता है कि घर से दूर रहना मामूली बात नहीं। पर इस बस पर वश नहीं है, यह विवशता है। इस विवशता ने सब कुछ विरस अर्थात् रसहीन कर दिया है अर्थात् मात्र घर से दूर रहना जीवन के सभी रसों को सोख रहा है। इन पंक्तियों में बस मात्र केवल, बस वश, नियंत्रण, समापन के अर्थ में प्रयुक्त किया गया है जो एक चमत्कारपूर्ण प्रयोग है। सहज शब्दों में ऐसे प्रयोग भवानी प्रसाद मिश्र ही कर सकते हैं।
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