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Questions
निम्नलिखित मुद्दों के आधार पर लगभग 70 से 80 शब्दों में कहानी लिखकर उसे उचित शीर्षक दीजिए तथा सीख लिखिए:
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दो मित्र - सागर में तूफान - नौका का टूटना - दोनों का एक ही तख्ते का सहारा लेना - तख्ता केवल एक का भार सँभालने में समर्थ - “मेरी माँ को सँभालो” यह कहकर अविवाहित मित्र का तख्ते को छोड़ देना - दूसरे का बचना - सीख। |
निम्नलिखित मुद्दों के आधार पर लगभग 70 से 80 शब्दों में कहानी लिखकर उसे उचित शीर्षक दीजिए तथा सीख लिखिए:
| दो मित्र - सागर में तूफान - नौका का टूटना - दोनों का एक ही तख्ते का सहारा - तख्ते का किसी एक का भार सँभालना - अविवाहित मित्र - तख्त छोड़ देना - ‘माँ को सँभालो’ - दूसरे का बच जाना - सीख। |
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Solution
मित्रता का अमर बलिदान
दो घनिष्ठ मित्र समुद्र के रास्ते यात्रा कर रहे थे। यात्रा के दौरान अचानक सागर में भयानक तूफान आ गया। तेज़ लहरों के कारण उनकी नौका टूट गई और दोनों समुद्र में गिर पड़े। जीवन बचाने के लिए उन्होंने एक ही लकड़ी के तख्ते का सहारा लिया। थोड़ी देर बाद उन्हें पता चला कि वह तख्ता केवल एक व्यक्ति का भार ही सँभाल सकता है। दोनों की जान खतरे में थी। तभी अविवाहित मित्र ने साहस दिखाते हुए अपने विवाहित मित्र से कहा, “तुम बच जाओ और मेरी माँ का ध्यान रखना।” यह कहकर उसने तख्ता छोड़ दिया और लहरों में समा गया। विवाहित मित्र किसी तरह तख्ते के सहारे बच गया और बाद में अपने मित्र की माँ की सेवा कर अपने मित्र के बलिदान को सच्ची श्रद्धांजलि दी।
सीख: सच्चा मित्र वही होता है जो अपने मित्र के लिए बलिदान दे।
