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निम्नलिखित कथन को सिद्ध कीजिए। इंद्रधनुष्य यह प्रकाश के विक्षेपण, अपवर्तन और आंतरिक परावर्तन इन तीन प्राकृतिक घटनाओं का एकत्रीकरण है। - Science and Technology 1 [विज्ञान और प्रौद्योगिकी १]

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Questions

निम्नलिखित कथन को सिद्ध कीजिए।

इंद्रधनुष्य यह प्रकाश के विक्षेपण, अपवर्तन और आंतरिक परावर्तन इन तीन प्राकृतिक घटनाओं का एकत्रीकरण है।

इंद्रधनुष प्रकाश के विक्षेपण, अपवर्तन और आंतरिक परावर्तन इन तीन प्राकृतिक घटनाओं का एकत्रीकरण है। इस कथन को स्पष्ट कीजिए।

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Very Long Answer
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Solution 1

  1. वर्षाऋतु में जब वर्षा न हो रही हो, तब वायुमंडल में जल के असंख्य कण (सूक्ष्म बूंदें) होते हैं। इन जलकणों द्वारा सूर्य के प्रकाश का वर्ण विक्षेपण होने पर, आकाश में इंद्रधनुष का निर्माण होता है।

    इंद्रधनुष की निर्माण (प्ररूपी आकृति) 
  2. सूर्य के प्रकाश में वास्तव में बैंगनी, आसमानी, नीले, हरे, पीले, नारंगी तथा लाल रंगवाली सात प्रकार की किरणों का समावेश होता है। जब सूर्य का प्रकाश वायुमंडल में उपस्थित जलकणों पर आपतित होता है, तब-
    (i) हवा में से जल में गमन करते समय प्रकाश की किरणों का अपवर्तन होता है।
    (ii) इसके बाद जल के इन कणों के अंदर इन किरणों का आंतरिक परावर्तन होता है और
    (iii) अंत में जल में से हवा की ओर गमन करते समय प्रकाश की इन किरणों का पुनः अपवर्तन होता है।
  3. भिन्न रंगों के सापेक्ष, जल का अपवर्तनांक भी भिन्न होता है। बैंगनी रंग के सापेक्ष यह महत्तम तथा लाल रंग के सापेक्ष न्यूनतम होता है। यही कारण है कि जब प्रकाश की किरणें हवा में से जल में गमन करती है, तो इन वर्णविक्षेपण (विभिन्न रंगों में पृथक्करण) होने लगता है। (आकृति) इस आकृति में लाल तथा बैंगनी केवल दो रंग वाली किरणें दिखाई गई हैं। पाँच रंगवाली अन्य किरणें इन दोनों के मध्य होती हैं।
  4. वायुमंडल में जल के ऐसे असंख्य सूक्ष्म कण होते हैं। तथा वे छोटे प्रिज्म की तरह कार्य करते हैं। इन समस्त कणों द्वारा वर्ण विक्षेपण होने के कारण, उनके सम्मिलित प्रभाव द्वारा इंद्रधनुष निर्मित होता है। इसमें लाल रंग बाहर की ओर तथा बैगनी रंग अंदर की ओर होता है। अन्य पाँच रंग इन दोनों रंगों के बीच होते हैं।
    इंद्रधनुष दिखाई देने के लिए यह आवश्यक है कि सूर्य प्रेक्षक के पीछे की ओर हो और जल के सूक्ष्म कण प्रेक्षक की आँखों के सामने हों।
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Solution 2

  1. वायुमंडल में उपस्थित पानी की सूक्ष्म बूंदों से जब सूर्य का प्रकाश गुजरता है, तब इंद्रधनुष का निर्माण होता है।
  2. जैसे ही प्रकाश बूँद में प्रवेश करता है, उसका अपवर्तन होता है और वह झुक जाता है।
  3. इसके पश्चात, प्रकाश अपने अवयवी रंगों में विभाजित हो जाता है, जिसे विक्षेपण  कहते हैं, क्योंकि अलग-अलग रंग अलग-अलग कोणों पर झुकते हैं।
  4. जब वायुमंडल की पानी की सूक्ष्म बूँदों में प्रकाश किरण प्रवेश करती है तब पानी की बूँदों द्वारा सूर्यप्रकाश का अपवर्तन और विक्षेपण होता है, उसके पश्चात् बूँद के अंदर आंतरिक परावर्तन होता है और अंत में बूँद से बाहर आते समय पुनः अपवर्तन होता है ।
  5. इन सभी प्राकृतिक घटनाओं का एकत्रित परिणाम सप्तरंगी इंद्रधनुष्य के रूप में देखने को मिलता है ।
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प्रकाश के अपवर्तन
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Chapter 6: प्रकाश का अपवर्तन - स्वाध्याय [Page 79]

APPEARS IN

Balbharati Vigyaan aur Prodyogiki 1 [Hindi] Standard 10 Maharashtra State Board
Chapter 6 प्रकाश का अपवर्तन
स्वाध्याय | Q 2. आ. | Page 79

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निम्नलिखित कथन के रिक्त स्थान की पूर्ति कीजिए। पूर्ण किए गए कथन का स्पष्टीकरण लिखिए।

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