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Question
निम्नलिखित को उचित उदाहरण से समझाइए –
लोहचुंबकत्व
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Solution
कुछ पदार्थ; जैसे-लोहा, कोबाल्ट, निकिल, गैडोलिनियम और CrO2 बहुत प्रबलता से चुंबकीय क्षेत्र की ओर आकर्षित होते हैं। ऐसे पदार्थों को लोहचुंबकीय पदार्थ कहा जाता है। प्रबल आकर्षणों के अतिरिक्त ये स्थायी रूप से चुंबकित किए जा सकते हैं। ठोस अवस्था में लोहचुंबकीय पदार्थों के धातु आयन छोटे खण्डों में एकसाथ समूहित हो जाते हैं, इन्हें डोमेन कहा जाता है। इस प्रकार प्रत्येक डोमेन एक छोटे चुम्बक की भाँति व्यवहार करता है। लोहचुंबकीय पदार्थ के अचुम्बकीय टुकड़े में डोमेन अनियमित रूप से अभिविन्यसित होते हैं और उनकी चुंबकीय आघूर्ण निरस्त हो जाता है। पदार्थ को चुंबकीय क्षेत्र में रखने पर सभी डोमेन चुंबकीय क्षेत्र की दिशा में अभिविन्यसित हो जाते हैं और प्रबल चुंबकीय प्रभाव उत्पन्न होती है। चुंबकीय क्षेत्र को हटा लेने पर भी डोमेनों का क्रम बना रहता है और लोहचुंबकीय पदार्थ स्थायी चुंबक बन जाते हैं। चुंबकीय पदार्थों की यह प्रवृत्ति लोहचुंबकत्व कहलाती है।

चुंबकीय आघूर्ण का व्यवस्थित संरेखण (क) लोहचुंबकीय (ख) प्रतिलोहचुंबकीय (ग) फेरीचुंबकीय
RELATED QUESTIONS
किस प्रकार के पदार्थों से अच्छे स्थायी चुम्बक बनाए जा सकते हैं, लौहचुम्बकीय अथवा फेरीचुम्बकीय? अपने उत्तर का औचित्य बताइए।
निम्नलिखित को उचित उदाहरण से समझाइए –
अनुचुंबकत्व
निम्नलिखित को उचित उदाहरण से समझाइए –
फेरीचुंबकत्व
निम्नलिखित को उचित उदाहरण से समझाइए –
प्रतिलोहचुंबकत्व
निम्नलिखित में से कौन-सी व्यवस्था प्रतिलोहचुंबकीय पदार्थ के चुंबकीय आघूर्ण के व्यवस्थित सरेखण को प्रदर्शित करती है?
निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सत्य नहीं है?
लोहचुम्बकीय पदार्थ चुम्बकीय क्षेत्र में रखे जाने पर स्थायी चुम्बक बन जाता है क्योंकि ______।
प्रतिलोहचुम्बकीय पदार्थ के लिए चुम्बकीय आघूर्ण का मान शून्य होता है। क्योंकि डोमेन ______।
- प्रयुक्त चुम्बकीय क्षेत्र की दिशा में अभिविन्यासित हो जाते हैं।
- प्रयुक्त चुम्बकीय क्षेत्र की विपरीत दिशा में अभिविन्यासित हो जाते हैं।
- चुम्बकीय क्षेत्र के अनुप्रयोग के बिना एक-दूसरे के विपरीत अभिविन्यासित हो जाते हैं।
- एक-दूसरे के चुम्बकीय आघूर्ण को निरस्त कर देते हैं।
निम्नलिखित में से कौन-से कथन सही हैं?
- लोहचुंबकीय पदार्थ गरम करने से लोहचुंबकत्व त्याग देते हैं और अनुचुंबकीय बन जाते हैं।
- लोहचुंबकीय पदार्थ गरम करने से लोहचुंबकत्व नहीं छोड़ते और लोहचुंबकीय बने रहते हैं।
- प्रतिलोहचुंबकीय पदार्थों की डोमेन संरचनाएँ लोहचुंबकीय पदार्थों के समान होती हैं और उनके चुंबकीय आघूर्ण परस्पर निरस्त नहीं होते।
- लोहचुंबकीय पदार्थों में सभी डोमेन चुंबकीय क्षेत्र की दिशा में उन्मुख हो जाते हैं और चुंबकीय क्षेत्र को हटाने के बाद भी ऐसे ही बने रहते हैं।
