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Question
निम्नलिखित काव्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर वाले सही विकल्प चुनकर लिखिए:
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अलग नगर के कोलाहल से, अलग पुरी-पुरजन से नहीं फूलते कुसुम मात्र राजाओं के उपवन में, जलद-पटल में छिपा, किंतु रवि कब तक रह सकता है? रंगभूमि में अर्जुन था सब समाँ अनोखा बाँधे तूने जो जो किया, उसे मैं भी दिखला सकता हूँ, |
- काव्यांश में कठिन साधना में निरत किसे बताया गया है? [1]
- कर्ण
- अर्जुन
- भीम
- दुर्योधन
- प्रकृति का रहस्य समझ से परे क्यों होता है? [1]
- शक्ति और सामर्थ्य से अलग घटना होने से
- प्रकृति में विद्यमान भिन्नताओं से
- प्रकृति के रहस्यों से अनजान रहने से
- मनुष्य का अपना सीमित सामर्थ्य होने से
- जलद-पटल में छिपा, किंतु रवि कब तक रह सकता है −पंक्ति का भाव है: [1]
- बादल सूर्य को ढक नहीं सकता।
- प्रतिभा को छिपाया नहीं जा सकता।
- बादल रूपी चादर सूर्य को ढक लेती है।
- सूर्य शक्ति का प्रतीक है।
- कर्ण ने अर्जुन को क्यों ललकारा होगा? [1]
- अपनी धनुर्विद्या दिखाने के लिए।
- अपनी योग्यता बताने के लिए।
- अर्जुन से अपने को श्रेष्ठ सिद्ध करने के लिए।
- समाज को अपनी कला दिखाने के लिए।
- कर्ण किस प्रकार के मनुष्य को घिक्कारता है? [1]
- कायर मनुष्य को
- वीरता दिखलाने वाले को
- सस्ती लोकप्रियता वाले को
- अपनी प्रशंसा में रत रहने वाले को
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Solution
- कर्ण
व्याख्या: काव्यांश में कठिन साधना में निरत कर्ण को बताया गया है। - प्रकृति के रहस्यों से अनजान रहने से
- प्रतिभा को छिपाया नहीं जा सकता।
व्याख्या: पंक्ति "जलद-पटल में छिपा, किन्तु रवि कब तक रह सकता है" का भाव यह है कि बादल रूपी चादर सूर्य को अधिक समय तक ढक नहीं सकती, जैसे कर्ण की प्रतिभा को भी छुपाया नहीं जा सकता। उसकी प्रतिभा एक दिन अपने आप प्रकट होकर सबके सामने आ जाएगी। - अपनी योग्यता बताने के लिए।
- सस्ती लोकप्रियता वाले को
