Advertisements
Advertisements
Question
निम्नलिखित गलत कथन को सही करें तथा उसका पुनर्लेखन करें। अपने कथन का समर्थन कीजिए।
आहार श्रृंखला में मांसाहारी प्राणियों का पोषण स्तर द्वितीय पोषण स्तर होता है ।
Advertisements
Solution
उपरोक्त कथन सही है।
स्पष्टीकरण:
आहार श्रृंखला के प्रत्येक स्तर को ‘पोषण स्तर’ कहते हैं। पोषण स्तर का अर्थ है, अन्न प्राप्त करने का स्तर। प्रथम स्वयंपोषी उत्पादक वनस्पतियों का स्थान होता है। शाकाहारी प्राणी इन वनस्पतियों से पोषक द्रव्य अपनाती हैं। उन प्राणियों को मांसाहारी प्राणी भी खाते हैं, इसलिए मांसाहारी प्राणियों का द्वितीय पोषण स्तर होता है।
उदाहरण: घास > हिरण > शेर।
APPEARS IN
RELATED QUESTIONS
निम्न से कौन आहार शृंखला का निर्माण करते हैं-
नीचे दी गई आहार श्रृंखला में मान लीजिए कि चौथे पोषी स्तर पर ऊर्जा की मात्रा 5kJ है, तो बताइए कि उत्पादक स्तर पर कितनी ऊर्जा उपलब्ध होगी?
घास → टिड्डा → मेंढक → साँप → बाज
वे जीव जो सौर ऊर्जा का प्रयोग करते हुए अकार्बनिक यौगिकों से कार्बोहाइड्रेटों का संश्लेषण कर लेते हैं, निम्नलिखित में से क्या कहलाते हैं?
किसी आहार श्रृंखला में पोषी स्तरों की संख्या को निम्नलिखित में से कौन सीमित करता है?
निम्नलिखित में से कौन सा वर्ग आहार श्रृंखला का संघटक नहीं होता ?
- घासशेर, खरगोश, भेड़िया
- प्लवक, मानव, मछली, टिड्डा
- भेड़िया, घास, साँप, बाघ
- मेंढक, साँप, चील, घास, टिड्डा
नीचे दी गई आहार श्रृंखला में से यदि हिरन को निकाल दिया जाए तो क्या होगा?
घास → हिरन → बाघ
भोजन खाने के पश्चात् प्लास्टिक की जिन प्लेटों को फेंक दिया जाता है उन्हें दोबारा से उपयोग नहीं करना चाहिए, क्योंकि - ______
अपशिष्ट पदार्थ का अनुपयुक्त निपटान पर्यावरण के लिए एक अभिशाप है।
पर्यावरण में अपघटकों की भूमिका की व्याख्या कीजिए।
आपके घर में उत्पन्न होने वाले अपशिष्ट पदार्थों के नाम लिखिए। उनके निपटान के लिए आप क्या कार्यवाही करेंगे?
