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Question
निम्नलिखित गद्यांश पढ़कर चार ऐसे प्रश्न तैयार कीजिए जिनके उत्तर गद्यांश में एक-एक वाक्य में हों:
| सन् 1896 ई. में महाराष्ट्र में फिर से अकाल पड़ा। सावित्रीबाई ने सरकार से अकाललिपीड़ितों, के लिए कई काम शुरू करने को कहा। इस अकाल के आघात से थोड़ी राहत मिली थी कि सन् 1897 ई. में पुणे नगर में प्लेग का प्रकोप हुआ। यह संक्रामक रोग धीरे-धीरे आस-पास के गाँवों, में भी फैला। लोग बड़ी संख्या में मरने लगे। उस, समय डॉ. यशवंत ने कई रोगियों के प्राण बचाए। सावित्रीबाई घर-घर जातीं और रोगियों को ढूँढ़कर डॉ. यशवंत के पास ले आती थीं। इसी दौरान सावित्रीबाई स्वयं उस रोग का शिकार बनीं। सावित्रीबाई श्रेष्ठ अध्यापिका, उत्कृष्ट वक्ता और कुशल प्रशासिका थीं। वे लेखिका और कवयित्री भी थीं। उनका ‘काव्य फुले’, काव्यसंग्रह सन् 1854 ई. में प्रकाशित हुआ। |
Writing Skills
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Solution
- सन् 1896 ई. में महाराष्ट्र में कौन-सी आपदा पड़ी थी?
- सन् 1897 ई. में पुणे नगर में कौन-सा रोग फैला?
- प्लेग के समय डॉ. यशवंत ने क्या कार्य किया?
- सावित्रीबाई का ‘काव्य फुले’ काव्यसंग्रह कब प्रकाशित हुआ?
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