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नीचे दिए गए प्रश्न पर कक्षा में चर्चा कीजिए और उसका उत्तर लिखिए- “जो तुम तोरौ राम मैं नहिं तोरौ” पंक्ति में रैदास की अपने आराध्य में अटूट निष्ठा का भाव है। इससे आप क्या समझते हैं?

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Question

नीचे दिए गए प्रश्न पर कक्षा में चर्चा कीजिए और उसका उत्तर लिखिए-

“जो तुम तोरौ राम मैं नहिं तोरौ” पंक्ति में रैदास की अपने आराध्य में अटूट निष्ठा का भाव है। इससे आप क्या समझते हैं? विस्तार से लिखिए।

Very Long Answer
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Solution

इस पंक्ति “जो तुम तोरौ राम मैं नहिं तोरौ” से संत रैदास की अपने आराध्य के प्रति गहरी निष्ठा और अटूट भक्ति का भाव प्रकट होता है। वे कहते हैं कि यदि भगवान स्वयं भी उनसे संबंध तोड़ दें, तब भी वे अपने आराध्य से अपना संबंध कभी नहीं तोड़ेंगे। इससे यह स्पष्ट होता है कि सच्चा भक्त किसी भी परिस्थिति में अपने ईश्वर से दूर नहीं होता। उसकी भक्ति किसी स्वार्थ या लाभ पर आधारित नहीं होती, बल्कि यह सच्चे प्रेम और अटूट विश्वास पर टिकी होती है। रैदास की यह भावना हमें यह शिक्षा देती है कि जीवन की कठिन परिस्थितियों में भी हमें अपने विश्वास और मूल्यों को बनाए रखना चाहिए। यह पंक्ति दृढ़ श्रद्धा, समर्पण और सच्ची भक्ति का सुंदर उदाहरण है।

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Chapter 8: पद - अभ्यास [Page 148]

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NCERT Hindi Ganga [English] Class 9
Chapter 8 पद
अभ्यास | Q 1. | Page 148
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