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नीचे दिए गए मानक इलेक्ट्रोड विभवों के आधार पर धातुओं को उनकी बढ़ती अपचायक क्षमता के क्रम में लिखिए- K+/K = -2.93 V, Ag+/Ag = 0.80 V, Hg2+/Hg = 0.79 VMg2+/Mg = -2.37 V, Cr3+/Cr = -0.74 V - Chemistry (रसायन विज्ञान)

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Question

नीचे दिए गए मानक इलेक्ट्रोड विभवों के आधार पर धातुओं को उनकी बढ़ती अपचायक क्षमता के क्रम में लिखिए-

K+/K = -2.93 V, Ag+/Ag = 0.80 V, Hg2+/Hg = 0.79 V
Mg2+/Mg = -2.37 V, Cr3+/Cr = -0.74 V

One Line Answer
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Solution

Ag < Hg < Cr < Mg < K

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ऑक्सीकरण-संख्या - अपचयोपचय अभिक्रियाओं के प्रारूप
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AgF2 एक अस्थिर यौगिक है। यदि यह बन जाए, तो यह यौगिक एक अति शक्तिशाली ऑक्सीकारक की भाँति कार्य करता है। क्यों?


निम्नलिखित अभिक्रियाओं में ऑक्सीकृत, अपचयित, ऑक्सीकारक तथा अपचायक पदार्थ पहचानिए-

\[\ce{HCHO(l) + 2[Ag(NH3)2]^+(aq) + 3OH^-(aq) -> 2Ag(s) + HCOO^-(aq) + 4NH3(aq) + 2H2O(l)}\]


निम्नलिखित अभिक्रियाओं में ऑक्सीकृत, अपचयित, ऑक्सीकारक तथा अपचायक पदार्थ पहचानिए-

\[\ce{HCHO(l) + 2Cu^2+(aq) + 5OH^-(aq) -> Cu2O(s) + HCOO^-(aq) + 3H2O(l)}\]


निम्नलिखित अभिक्रिया में ऑक्सीकृत, अपचयित, ऑक्सीकारक तथा अपचायक पदार्थ पहचानिए-

\[\ce{N2H4(l) + 2H2O2(l) -> N2(g) + 4H2O(l)}\]


निम्नलिखित अभिक्रिया में ऑक्सीकृत, अपचयित, ऑक्सीकारक तथा अपचायक पदार्थ पहचानिए-

\[\ce{Pb(s) + PbO2(s) + 2H2SO4(aq) -> 2PbSO4(s) + 2H2O(l)}\]


निम्नलिखित अभिक्रियाओं में एक ही अपचायक थायोसल्फेट, आयोडीन तथा ब्रोमीन से अलग-अलग प्रकार से अभिक्रिया क्यों करता है?

\[\ce{2S2O^2-_3(aq) + I2(s) -> S4O^2-_6(aq) + 2I^-(aq)}\]

\[\ce{S2O^2-_3(aq) + 2Br2(I) + 5H2O(I) -> 2SO^2-_4(aq) + 4Br^-(aq) + 10H^+(aq)}\]


अभिक्रिया देते हुए सिद्ध कीजिए कि हैलोजनों में फ्लुओरीन श्रेष्ठ ऑक्सीकारक तथा हाइड्रोहैलिक यौगिकों में हाइड्रोआयोडिक अम्ल श्रेष्ठ अपचायक है।


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