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मुद्रा बाजार तथा पूँजी बाजार के बीच अंतर स्पष्ट कीजिए।

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Question

मुद्रा बाजार तथा पूँजी बाजार के बीच अंतर स्पष्ट कीजिए।

Distinguish Between
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Solution

अ.
क्र.
अंतर का आधार मुद्रा बाजार पूँजी बाजार
१. अर्थ ऐसा बाजार जहाँ अल्पकालिक (short-term) धन का लेन-देन किया जाता है। ऐसा बाजार जहाँ व्यावसायिक उद्यमों के लिए आवश्यक दीर्घकालिक (long-term) पूँजी का लेन-देन होता है।
२. वित्त की
अवधि
यह अल्पकालिक धन उपलब्ध कराता है, जिसकी परिपक्वता अवधि दिनों, हफ्तों या महीनों में होती है। यह दीर्घकालिक साधनों का बाजार है, जिसकी अवधि वर्षों में मापी जाती है।
३. साधन इसमें विनिमय विपत्र (Bills of exchange), ट्रेजरी बिल, बैंकर्स स्वीकृति आदि का लेन-देन होता है। इसमें बॉन्ड, ऋणपत्र (Debentures), इक्विटी शेयर और स्टॉक आदि का लेन-देन होता है।
४. कार्य यह तरलता समायोजन के तंत्र के रूप में, यानी जमाकर्ताओं और उधारकर्ताओं के बीच एक कड़ी के रूप में कार्य करता है। यह निवेशकों और उद्यमियों (Entrepreneurs) के बीच एक कड़ी के रूप में कार्य करता है।
५. जोखिम इनके साधनों की कीमतों में अधिक उतार-चढ़ाव नहीं होता, इसलिए इनमें बाजार जोखिम बहुत कम होता है। ये साधन दीर्घकालिक होते हैं और बाजार के उतार-चढ़ाव के अधीन होते हैं, इसलिए इनमें उच्च वित्तीय और बाजार जोखिम होता है।
६. संस्था वाणिज्यिक बैंक (Commercial Banks) मुद्रा बाजार की महत्वपूर्ण संस्थाएं हैं। स्टॉक एक्सचेंज (Stock Exchange) पूँजी बाजार की एक महत्वपूर्ण संस्था है।
७. तरलता उच्च व्यापार मात्रा और कम लेनदेन लागत के कारण, मुद्रा बाजार के साधन अत्यधिक तरल होते हैं। मुद्रा बाजार की तुलना में, पूँजी बाजार में आमतौर पर तरलता कम होती है।
८. सुरक्षा कम परिपक्वता अवधि और उत्कृष्ट साख गुणवत्ता के कारण, इन्हें सुरक्षित निवेश माना जाता है। जारीकर्ता और प्रतिभूति के प्रकार के आधार पर, पूँजी बाजार में निवेश में जोखिम का स्तर अलग-अलग होता है।
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