Advertisements
Advertisements
Question
Mn3+ आयन विलयन में अस्थायी होता है तथा असमानुपातन द्वारा Mn2+, MnO2 और H+ आयन देता है। इस अभिक्रिया के लिए संतुलित आयनिक समीकरण लिखिए-
Advertisements
Solution
समीकरण का मूल प्रारूप निम्न है-
\[\ce{Mn^3+(aq) -> Mn^2+(aq) + MnO2(s) + H+(aq)}\]
उपर्युक्त अभिक्रिया को निम्न प्रकार संतुलित किया जा सकता है-
(i) सभी परमाणुओं पर ऑक्सीकरण-संख्या लिखने पर, यह स्पष्ट हो जाता है, की Mn3+ का एक ही समय में Mn2+ में अपचयन तथा MnO2 में ऑक्सीकरण हो रहा है।
\[\ce{\overset{+3}{Mn^3+}(aq) -> \overset{+2}{Mn^2+}(aq) + \overset{+4}{Mn}\overset{-2}{O}(s) + \overset{+1}{H+}(aq)}\]
(ii) अभिक्रिया को ऑक्सीकरण तथा अपचयन दो अर्द्ध अभिक्रियाओं के रूप में लिखने पर-
\[\ce{Mn^3+(aq) -> Mn^2+(aq)}\] (अपचयन अर्द्धक्रिया)
\[\ce{Mn^3+(aq) ->MnO2(s)}\] (ऑक्सीकरण अर्द्धक्रिया)
(iii) अपचयन अर्द्धक्रिया को संतुलित करना-
(क) अभिक्रिया में दोनों और Mn परमाणु की संख्या समान है।
(ख) अभिक्रिया में कोई O परमाणु नहीं है।
(ग) इलेक्ट्रॉन जोड़कर आवेश को संतुलित करने पर
\[\ce{Mn^3+(aq) + e^--> Mn^2+(aq)}\] (अपचयन अर्द्धक्रिया)
(iv) ऑक्सीकरण अर्द्धक्रिया को संतुलित करना-
(क) अभिक्रिया में दोनों ओर Mn परमाणु की संख्या समान है।
(ख) चूँकि अभिक्रिया अम्लीय माध्यम में होती है, इसलिए ऑक्सीजन-परमाणुओं को संतुलित करने के लिए बाईं ओर दो (H2O) अणु जोड़कर O परमाणुओं को संतुलित किया का सकता है।
\[\ce{Mn^3+(aq) + 2H2O(l) -> MnO2(s)}\]
H परमाणु को संतुलित करने पर
\[\ce{Mn^3+(aq) + 2H2O(l) -> MnO2(s) + 4H+}\]
(ग) इलेक्ट्रॉन जोड़कर आवेश को संतुलित करने पर
\[\ce{Mn^3+(aq) + 2H2O(l) -> MnO2(s) + 4H+ + e-}\] (संतुलित ऑक्सीकरण अर्द्धक्रिया)
(घ) दोनों अर्द्धक्रियाओं को जोड़ने पर
\[\ce{Mn^3+(aq) + e^--> Mn^2+(aq)}\]
\[\underline{\ce{Mn^3+(aq) + 2H2O(l) -> MnO2(s) + 4H+ + e-}}\]
\[\ce{2Mn^3+(aq) + 2H2O(l) -> Mn^2+(aq) + MnO2(s) + 4H+}\]
यह दी गई अभिक्रिया के लिए संतुलित आयनिक समीकरण है।
RELATED QUESTIONS
निम्नलिखित स्पीशीज में रेखांकित तत्त्व की ऑक्सीकरण संख्या का निर्धारण कीजिए-
NaH2PO4
निम्नलिखित स्पीशीज में रेखांकित तत्त्व की ऑक्सीकरण संख्या का निर्धारण कीजिए-
NaHSO4
निम्नलिखित स्पीशीज में तत्त्व रेखांकित तत्व की ऑक्सीकरण संख्या का निर्धारण कीजिए-
H4P2O7
निम्नलिखित स्पीशीज में रेखांकित तत्त्व की ऑक्सीकरण संख्या का निर्धारण कीजिए-
K2MnO4
निम्नलिखित स्पीशीज में रेखांकित तत्त्व की ऑक्सीकरण संख्या का निर्धारण कीजिए-
H2S2O7
निम्नलिखित यौगिक के रेखांकित तत्व की ऑक्सीकरण-संख्या क्या है तथा इस परिणाम को आप कैसे प्राप्त करते हैं?
KI3
निम्नलिखित यौगिक के रेखांकित तत्त्व की ऑक्सीकरण संख्या क्या है तथा इस परिणाम को आप कैसे प्राप्त करते हैं?
H2S4O6
निम्नलिखित यौगिक के रेखांकित तत्त्व की ऑक्सीकरण संख्या क्या है तथा इस परिणाम को आप कैसे प्राप्त करते हैं?
CH3COOH
निम्नलिखित अभिक्रिया के समीकरण को आयन-इलेक्ट्रॉन तथा ऑक्सीकरण संख्या विधि (क्षारीय माध्यम में) द्वारा संतुलित कीजिए तथा इनमें ऑक्सीकारक और अपचायकों की पहचान कीजिए-
\[\ce{N2H4(l) + CIO^-_3(aq) -> NO(g) + CI^-(g)}\]
निम्नलिखित अभिक्रिया के समीकरण को आयन-इलेक्ट्रॉन तथा ऑक्सीकरण संख्या विधि (क्षारीय माध्यम में) द्वारा संतुलित कीजिए तथा इनमें ऑक्सीकारक और अपचायकों की पहचान कीजिए-
\[\ce{Cl2O7(g) + H2O2(aq) -> ClO^-_2(aq) + O2(g) + H+(aq)}\]
