English

मन रे अहिनिसि हरि गुण सारि। जिन खिनु पलु नामु न बिसरे ते जन विरले संसारि। जोति-जोति मिलाइये, सुरती- सुरती संजोगु।  हिंसा हउमें गतु गए नाहीं सहसा सोगु।  गुरु मुखु जिसु हार मनि बसे तिसु मेले - Hindi

Advertisements
Advertisements

Question

निम्नलिखित पद्यांश पढ़कर सूचना के अनुसार कृतियाँ पूर्ण कीजिए:

मन रे अहिनिसि हरि गुण सारि।
जिन खिनु पलु नामु न बिसरे ते जन विरले संसारि।
जोति-जोति मिलाइये, सुरती- सुरती संजोगु। 
हिंसा हउमें गतु गए नाहीं सहसा सोगु।
 गुरु मुखु जिसु हार मनि बसे तिसु मेले गुरु संजोग।।

तेरी गति मिति तू ही जाणै क्या को आखि वखाणे 
तू आपे गुपता, ओपे प्रगटु, आपे सब रंग भाणे
साधक सिद्ध, गुरु वहु चेले खोजत फिरहि फरमाणे
समहि बधु पाइ इह भिक्षा तेरे दर्शन कड कुरवाणे
उसी की प्रभु खेल रचाया, गुरुमुख सोभी होई।
नानक सब जुग आपे वरते, दूजा और न कोई।।

  1. कृति पूर्ण कीजिए:   (2)

  2. निम्नलिखित शब्दों के उपसर्ग हटाकर पद्यांश में आए हुए मूल शब्द ढूँढकर लिखिए:    (2)
    1. सद्गुण ______
    2. अहिंसा ______
    3. सद्गति ______
    4. सद्गुरु ______
  3. “प्रभु का महत्त्व” इस विषय पर अपने विचार ४० से ५० शब्दों में लिखिए।    (2)
Comprehension
Advertisements

Solution

  1.  
    1. सद्गुण - गुण
    2. अहिंसा - हिंसा
    3. सद्गति - गति
    4. सद्गुरु - गुरु
  2. ईश्वर के अनेक नाम और रूप हैं। वह सर्वशक्तिमान और सर्वव्यापी है, जो अदृश्य रूप से हर जीव के भीतर निवास करता है। कहा गया है कि “ईश्वर अंश जीव अविनाशी”, अर्थात हर प्राणी में ईश्वर का अंश है। ईश्वर को भक्तों का प्रिय कहा गया है, इसलिए उन्हें 'भगत-वत्सल' कहा जाता है। भक्त लोग प्रभु की कृपा प्राप्त करने के लिए विभिन्न प्रकार से उसकी पूजा और उपासना करते हैं। जब किसी को प्रभु भक्ति में गहरी लगन लग जाती है, तो वह सांसारिक मोह-माया छोड़कर संन्यासी बन जाता है और अपना पूरा जीवन प्रभु की सेवा में समर्पित कर देता है। ऐसे भक्तों को गहन मानसिक शांति प्राप्त होती है। प्रभु अपने सच्चे भक्तों से शीघ्र ही प्रसन्न हो जाते हैं। उनकी भक्ति के लिए केवल उनका नाम स्मरण करना ही पर्याप्त है। जैसे कहा गया है – “कलियुग केवल नाम अधारा, सुमिरि-सुमिरि जन उतारिहं पारा।” इस प्रकार, मनुष्य के जीवन में प्रभु का अत्यंत महत्वपूर्ण स्थान है।

     
shaalaa.com
  Is there an error in this question or solution?
2023-2024 (July) Official
Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×