English

मीनू ने अमित के कमरे में प्रवेश किया तो देखा कि अमित अपने पलंग पर लेट हुआ अपनी माँ से बातें कर रहा था। मीनू को देखकर उन्होंने प्रेम पूर्वक बैठाया। उसे देखकर अमित के मुरझाए चेहरे पर - Hindi

Advertisements
Advertisements

Question

निम्नलिखित अवतरण को पढ़िए और उसके नीचे लिखे प्रश्नों के उत्तर हिन्दी में लिखिए:-

मीनू ने अमित के कमरे में प्रवेश किया तो देखा कि अमित अपने पलंग पर लेट हुआ अपनी माँ से बातें कर रहा था। मीनू को देखकर उन्होंने प्रेम पूर्वक बैठाया। उसे देखकर अमित के मुरझाए चेहरे पर भी ख़ुशी की लहर दौड़ गई।
  1. मीनू अमित से मिलने कहाँ गई थी? जाते समय उसके मन में क्या विचार उठ रहे थे? [2]
  2. कमर में प्रवेश करते ही मीनू ने क्या देखा? अमित के साथ क्या दुर्घटना घटी थी? [2]
  3. अपनी माँ और मीनू के बीच हुई किस बात को सुनकर अमित प्रसन्न हुआ? दूसरे ही क्षण उसकी उदासी का क्या कारण था? [3]
  4. ‘नया रास्ता’ उपन्यास द्वारा लेखिका ने पाठकों को क्या संदेश दिया है? [3]
Comprehension
Advertisements

Solution

  1. मीनू अमित की कुशलता जानने के लिए उसके घर (मेरठ) गई थी। जाते समय मीनू के मन में गहरी चिंता और घबराहट थी। वह अमित की दुर्घटना की खबर सुनकर व्याकुल थी। साथ ही, उसके मन में संकोच भी था क्योंकि अतीत में अमित के माता-पिता ने उसे उसके सांवले रंग के कारण अस्वीकार कर दिया था। वह सोच रही थी कि अमित अब किस हालत में होगा और उसके घरवाले उसे देखकर कैसी प्रतिक्रिया देंगे।
  2. कमरे में प्रवेश करते ही मीनू ने देखा कि अमित अपने पलंग पर लेटा हुआ है और अपनी माँ से बातें कर रहा है। अमित का चेहरा बीमारी और चोट के कारण मुरझाया हुआ (पीला) पड़ा था। अमित एक भयंकर कार दुर्घटना का शिकार हो गया था, जिसमें उसे काफी चोटें आई थीं और वह लंबे समय के लिए बिस्तर पर आ गया था।
  3. जब अमित ने अपनी माँ को मीनू से प्रेमपूर्वक बातें करते और उसे स्नेह से अपने पास बैठाते देखा, तो वह बहुत प्रसन्न हुआ। उसे लगा कि शायद उसकी माँ के मन में मीनू के प्रति कड़वाहट खत्म हो गई है और वे उसे स्वीकार कर रही हैं। दूसरे ही क्षण अमित को अपनी बेबसी और शारीरिक स्थिति का अहसास हुआ। उसे याद आया कि वह इस समय लाचार है और अतीत में उसके माता-पिता के गलत निर्णयों (दहेज और रूप के लोभ) के कारण मीनू को कितना अपमान सहना पड़ा था। उसे अपनी वर्तमान स्थिति और भविष्य के बीच अनिश्चितता महसूस हुई।
  4. महिलाओं को केवल विवाह को ही जीवन का एकमात्र लक्ष्य नहीं मानना चाहिए, बल्कि शिक्षा और आत्मनिर्भरता (जैसे मीनू वकील बनी) के बल पर अपना ‘नया रास्ता’ बनाना चाहिए। व्यक्ति की पहचान उसके चरित्र और गुणों से होती है, न कि उसके शरीर के रंग (गोरा या सांवला) से। समाज में व्याप्त दहेज प्रथा और दिखावे की संस्कृति का डटकर मुकाबला करना चाहिए। यह उपन्यास संदेश देता है कि आत्मविश्वास और दृढ़ निश्चय से कोई भी बाधा पार की जा सकती है।
shaalaa.com
  Is there an error in this question or solution?
2025-2026 (March) Official Board Paper
Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×