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“मेरे पास तो कसम से लालाजी एक भी नहीं है। विश्वास न हो तो चलके मेरा संदूक देख लो।” वे दोनों हाथों में बच्ची को झुलाती रहीं, “अम्मा के पास तो होगी एकाघ। उनसे क्यों नहीं पूछ लेते?” - Hindi (Indian Languages)

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Question

“मेरे पास तो कसम से लालाजी एक भी नहीं है। विश्वास न हो तो चलके मेरा संदूक देख लो।” वे दोनों हाथों में बच्ची को झुलाती रहीं, “अम्मा के पास तो होगी एकाघ। उनसे क्यों नहीं पूछ लेते?”

  1. ‘लालाजी’ शब्द का सम्बोधन किसने किसके लिए किया है?  [1]
  2. श्रोता ने वक्ता से किसके लिए, क्या तथा क्यों माँगा?  [2]
  3. श्रोता द्वारा अम्मा से पुछे जाने पर अम्मा की क्या प्रतिक्रिया हुई? कोई चार प्रतिक्रियाएँ लिखिए।  [4]
Very Long Answer
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Solution

  1. ‘लालाजी’ शब्द का प्रयोग समर की भाभी ने समर को संबोधित करने के लिए किया है।
  2. श्रोता समर ने वक्ता भाभी से अपनी पत्नी प्रभा के लिए एक साड़ी माँगी थी, क्योंकि प्रभा प्रायः फटी और मैली साड़ी पहने दिखाई देती थी। समर उसे इस अवस्था में देखना नहीं चाहता था। इसी कारण वह व्याकुल होकर भाभी से साड़ी माँगता है।
  3. जब श्रोता अम्मा से बाहर जाने की बात करता है, तो अम्मा अत्यंत क्रोधित हो जाती है। वह समर के साथ-साथ प्रभा को भी कठोर शब्द कहने लगती है। गुस्से में वह अपनी कमर से चाबी का गुच्छा निकालकर फेंक देती है और शादी में कम दहेज लाने का ताना भी मारती है। समर की पत्नी की ओर से कुछ कहे जाने पर अम्मा और अधिक नाराज़ हो जाती है।
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