Advertisements
Advertisements
Question
'मैं उत्पन्न हुई तो मेरी बड़ी खातिर हुई और मुझे वह सब नहीं सहना पड़ा जो अन्य लड़कियों को सहना पड़ता है।' इस कथन के आलोक में आप यह पता लगाएँ कि -
(क) उस समय लड़कियों की दशा कैसी थी?
(ख) लड़कियों के जन्म के संबंध में आज कैसी परिस्थितियाँ हैं?
Advertisements
Solution
(क) उस समय लड़कियों की स्थिति अत्यंत दयनीय थी। उस समय का समाज पुरुष प्रधान था। पुरुषों को समाज में ऊँचा दर्जा प्राप्त था। पुरुषों के सामने नारी को अत्यंत हीन दृष्टि से देखा जाता था। इसका एक कारण समाज में व्याप्त दहेज-प्रथा भी थी। इसी कारण से लड़कियों के जन्म के समय या तो उसे मार दिया जाता था या तो उन्हें बंद कमरे की चार दीवारी के अंदर कैद करके रखा जाता था। शिक्षा को पाने का अधिकार भी केवल लड़कों को ही था। कुछ उच्च वर्गों की लड़कियाँ ही शिक्षित थी परन्तु उसकी संख्या भी गिनी चुनी थी। ऐसी लड़कियों को शिक्षा प्राप्त करने के लिए बहुत कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था।
(ख) लड़कियों को लेकर पहले की तुलना में आज की स्थिति में सुधार आया है। इसका एक मात्र कारण अपने अधिकारों को पाने के लिए नारी की जागरुकता है। यद्यपि स्थिति पूरी तरह से अनूकूल नहीं है परन्तु फिर भी आज के समाज में नारियों को उचित स्थान प्राप्त है। आज भी कुछ परिवारों में नारी की स्वतंत्रता पर प्रश्न चिन्ह है। कहीं-कहीं पर दहेज-प्रथा है। परन्तु निष्कर्ष तौर पर हम कह सकते हैं कि समय के साथ-साथ लड़कियों की स्थिति में पहले से अधिक सुधार आया है। हमारे समाज में भी नारी के अस्तित्व को लेकर लोगों का दृष्टिकोण बदल रहा है। अत: हम कह सकते हैं कि पुरुष प्रधान समाज में नारी आज पुरुषों से पीछे नहीं है।
APPEARS IN
RELATED QUESTIONS
आपदाओं से निपटने के लिए अपनी तरफ़ से कुछ सुझाव दीजिए।
आपने भी देखा होगा कि मीडिया द्वारा प्रस्तुत की गई घटनाएँ कई बार समस्याएँ बन जाती हैं, ऐसी किसी घटना का उल्लेख कीजिए।
लेखिका ने अपनी नानी को कभी देखा भी नहीं फिर भी उनके व्यक्तित्व से वे क्यों प्रभावित थीं?
रामस्वरूप और गोपाल प्रसाद बात-बात पर "एक हमारा ज़माना था..." कहकर अपने समय की तुलना वर्तमान समय से करते हैं। इस प्रकार की तुलना करना कहाँ तक तर्कसंगत है?
उन परिस्थितियों का उल्लेख कीजिए जिनके कारण टिहरी जैसा शहर माटी वाली की आजीविका कमाने की जगह बना हुआ है, ‘माटी वाली’ पाठ के आधार पर लिखिए।
मालकिन के लौटने तक माटी वाली अपना मुँह यों ही चलाकर खाने का दिखावा क्यों करने लगी? ऐसा करने के पीछे उसकी क्या विवशता थी?
लेखिका की नानी ने स्वतंत्रता सेनानी प्यारे लाल शर्मा से कौन-सी इच्छा प्रकट की? यह इच्छा उन्होंने अपने पति से क्यों नहीं बताई?
लेखक को अंग्रेज़ी में कविता लिखने का अफसोस क्यों रहा होगा?
लेखक ने बच्चन के व्यक्तित्व के किन-किन रूपों को उभारा है?
लेखक को हिंदी लेखन की ओर आकर्षित करने में किन-किन साहित्यकारों का योगदान रहा और किस प्रकार?
'हालाँकि उस वक्त मेरा भेष ऐसा नहीं था कि उन्हें कुछ भी खयाल करना चाहिए था।'-
उक्त कथन के अनुसार हमारे आचार-व्यवहार के तरीके वेशभूषा के आधार पर तय होते हैं। आपकी समझ से यह उचित है अथवा अनुचित, विचार व्यक्त करें।
पाठ के आधार पर आज के उपभोक्तावादी युग में पनप रही 'दिखावे की संस्कृति' पर विचार व्यक्त कीजिए।
संस्कृति की नियंत्रक शक्तियाँ कौन-सी हैं। आज उनकी स्थिति क्या है?
सालिम अली पक्षी-प्रेमी होने के साथ-साथ प्रकृति प्रेमी भी थे। साँवले सपनों की याद पाठ के आधार पर स्पष्ट कीजिए।
‘साँवले सपनों की याद’ पाठ के आधार पर सालिम अली के व्यक्तित्व की विशेषताओं का उल्लेख कीजिए।
'टाइम्स' पत्रा ने 6 सितंबर को लिखा था - 'बड़े दुख का विषय है कि भारत सरकार आज तक उस दुर्दांत नाना साहब को नहीं पकड़ सकी'। इस वाक्य में 'भारत सरकार' से क्या आशय है?
लेखक की दृष्टि प्रेमचंद के जूते पर क्यों अटक गई?
लेखक ने सदियों से परत-दर-परत’ कहकर किस ओर इशारा किया है?
जवारा के नवाब के साथ अपने पारिवारिक संबंधों को लेखिका ने आज के संदर्भ में स्वप्न जैसा क्यों कहा है?
गुरुदेव पशु-पक्षियों से भी लगाव रखते थे। एक कुत्ता और एक मैना’ पाठ के आधार पर स्पष्ट कीजिए।
