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Question
मैं अपने घर की बालकनी में बैठा चाय पी रहा था कि अचानक तेज़ हवाएँ चलने लगीं ....... पंक्ति से लगभग 100 शब्दों में लघुकथा लिखिए।
Writing Skills
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Solution
मैं अपने घर की बालकनी में बैठा चाय पी रहा था कि अचानक तेज़ हवाएँ चलने लगीं। देखते ही देखते आसमान में काले बादल घिर आए और पेड़ों की शाखाएँ झूमने लगीं। कुछ ही क्षणों में ज़ोरदार बारिश शुरू हो गई। मैं अंदर जाने ही वाला था कि सामने की बिल्डिंग की छत पर एक छोटा बच्चा कागज़ की नाव तैरा रहा था। बिजली चमक रही थी, फिर भी उसके चेहरे पर मुस्कान थी। मैंने छाता लेकर बाहर जाकर उसे अंदर बुलाया। वह बोला, “अंकल, बारिश तो खेल होती है, डर नहीं।” उसकी बात सुनकर मैं मुस्करा उठा, सच ही तो है, डर नहीं, जीवन का आनंद देखना चाहिए।
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