Advertisements
Advertisements
Question
मध्यकाल के इन संत रचनाकारों की अनेक रचनाएँ अब तक आप पढ़ चुके होंगे। इन रचनाकारों की एक-एक रचना अपनी पसंद से लिखिए-
(क) अमीर खुसरो
(ख) कबीर
(ग) गुरू नानक
(घ) रहीम
Advertisements
Solution
(क) अमीर खुसरो - दीवान (काव्य संग्रह), अमीर खुसरो की पहेलियाँ
(ख) कबीर - बीजक
(ग) गुरू नानक - गुरू ग्रंथ साहिब
(घ) रहीम - रहीम के दोहे
APPEARS IN
RELATED QUESTIONS
नेहरू जी ने कहा कि - "मेरे ख्याल से हम सब के मन में अपनी मातृभूमि की अलग-अलग तसवीरें हैं और कोई दो आदमी बिलकुल एक जैसा नहीं सोच सकते" अब आप बताइए कि-
(क) आपके मन में अपनी मातृभूमि की कैसी तसवीर है?
(ख) अपने साथियों से चर्चा करके पता करो कि उनकी मातृभूमि की तसवीर कैसी है और आपकी और उनकी तसवीर (मातृभूमि की छवि) में क्या समानताएँ और भिन्नताएँ हैं।
इस पत्र में अनेक देशों, शहरों और नदियों का जिक्र किया गया है। नीचे दिए गए मानचित्र में उन स्थानों के नाम भरो-

"सवेरे-सवेरे अपने पशुओं की ये आवाज़ें सुनने के लिए उसके कान तरस गए थे।"
गोमा ने बहुत समय बाद अपने पशुओं की वे आवाज़ें सुनी थीं। क्यों?
बूढ़ी अम्मा ने कहा, "वर्षा अवश्य होगी।"
क्या उन्हें मालूम था कि इस साल वर्षा होगी? या उन्होंने अपने अनुभव के आधार पर केवल अंदाजा लगाया था?
बच्चों ने मंच की व्यवस्था किस प्रकार की?
केशव शंकर पिल्लै हर वर्ष छुट्टियों में कैंप लगाकर सारे भारत के बच्चों को एक जगह मिलने का अवसर देकर क्या करना चाहते थे?
केशव ने कार्टून बनाना, गुड़ियों व पुस्तकों का संग्रह करना, पत्रिका में लिखना व पत्रिका निकालना, बाल चित्रकला प्रतियोगिता का आयोजन व बच्चों का सम्मेलन कराना जैसे तरह-तरह के काम किए। उनको किसी एक काम के लिए भी तरह-तरह के काम करने पड़े होंगे। अब बताओ कि–
(क) कार्टून बनाने के लिए उन्हें कौन-कौन से काम करने पड़े होंगे?
(ख) बच्चों के लिए बाल चित्रकला प्रतियोगिता कराने के लिए क्या-क्या करना पड़ा होगा?
(ग) केशव शंकर पिल्लै की तरह कुछ और भी लोग हुए हैं जिन्होंने तरह-तरह के काम करके काफी नाम कमाया। तुम्हारी पसंद के वो कौन-कौन लोग हो सकते हैं? तुम उनमें से कुछ के नाम लिखो और उन्होंने जो कुछ विशेष काम किए हैं उनके नाम के आगे उसका भी उल्लेख करो।
कहानी में से चुनकर कुछ संवाद नीचे दिए गए हैं। उन संवादों को अभिनय के साथ बोलकर दिखाओ।
(क) चित्रकार महोदय हाथ में कूची पकड़े-आँखें नचा-नचाकर, मटक-मटककर बोल रहे थे, "अरे चमगादड़, तुझे क्या खाक शायरी करना आता है। ज़बरदस्ती ही तुझे यह पार्ट दे दिया। तूने सारा गड़बड़ कर दिया।"
(ख) मोहन बोला, "मेरा तो दिल बहुत ज़ोरों से धड़क रहा है।"
(ग) राकेश पहुँचते ही एक कुर्सी पर बैठते हुए बोला, "बोला, "आज मुझे अस्पताल में हाथ पर पट्टी बँधवाने में देर हो गई, तो तुमने इस तरह 'रिहर्सल' की है। ज़ोर-ज़ोर से लड़ने लगे।"
(घ) चित्रकार महोदय ने हाथ उठाकर कहा, "देख, मुँह सँभालकर बोल।"
"अनेक देशों के बच्चों की यह फ़ौज अलग-अलग भाषा, वेशभूषा में होकर बी एक जैसी ही है। कई देशों के बच्चों को इकट्ठा कर दो, वे खेलेंगे या लड़ेंगे और यह लड़ाई भी खेल जैसी ही होगी। वे रंग, भाषा या जाति पर कभी नहीं लड़ेंगे।"
ऊपर के वाक्यों को पढ़ो और बताओ कि–
(क) यह कब, किसने, किसमें और क्यों लिखा?
(ख) क्या लड़ाई भी खेल जैसी हो सकती है? अगर हो तो कैसे और उस खेल में तुम्हारे विचार से क्या-क्या हो सकता है?
आंध्र के घने जंगलों में रहने वाले आदिवासियों के बीच अपना हक जमाने के लिए अंग्रेज़ों ने क्या किया?
सड़क बनाने में किन-किन सामानों की ज़रूरत होती है? पता करके लिखो।
वचन बदलो।
आगे से यह सवाल मत पूछना।
_________________________
"यहाँ के फ़िल्म वाले इतनी छोटी-छोटी बातों पर झूठ बोलते ही नहीं बल्कि झूठ दिखाते भी हैं।"
ऊपर मारिया ने भेंटकर्ता से जो बात कही है उसको पढ़ो। अब बताओ कि–
(क) तुम इस बात से कहाँ तक और क्यों सहमत हो?
(ख) क्या सिनेमा में झूठ और सच की बातें दिखाना ज़रूरी होता है? यदि हाँ तो क्यों?
नीचे एक शब्द के दो समान अर्थ दिए गए हैं। जैसे–
नमूना - धरती - पृथ्वी, धरा
अब तुम भी इन शब्दों के दो-दो समान अर्थ लिखो
|
(क) |
दोस्त |
- |
______ |
______ |
|
(ख) |
माँ |
- |
______ |
______ |
|
(ग) |
पानी |
- |
______ |
______ |
|
(घ) |
नारी |
- |
______ |
______ |
''ऐसा जैसे सारी बस ही इंजन है और हम इंजन के भीतर बैठे हैं।''
• लेखक को ऐसा क्यों लगा?
सविनय अवज्ञा का उपयोग व्यंग्यकार ने किस रूप में किया है? लिखिए।
बाज जिंदगी भर आकाश में ही उड़ता रहा फिर घायल होने के बाद भी वह उड़ना क्यों चाहता था?
मूक फिल्म देखने का एक उपाय यह है कि आप टेलीविजन की आवाज बंद करके फिल्म देखें। उसकी कहानी को समझने का प्रयास करें और अनुमान लगाएँ कि फिल्म में संवाद और दृश्य की हिस्सेदारी कितनी है?
क्या होता यदि
अंग्रेज़ लोटा न खरीदता?
भारतीय खाने की कुछ चीज़ें जैसे-चावल, सेवइयाँ, मिठाइयाँ यूरोप में अलग ढंग से खाई जाती हैं। क्या भारत में ये चीज़ें अलग-अलग ढंग/तरीकों से बनाई और खाई जाती हैं? पता करो और बताओ।
