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मानचित्र पर एक लकीर खींच देने भर से ज़मीन और जनता बँट नहीं जाती है- उचित तर्कों व उदाहरणों के ज़रिये इसकी पुष्टि करें। - Hindi (Core)

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Question

मानचित्र पर एक लकीर खींच देने भर से ज़मीन और जनता बँट नहीं जाती है- उचित तर्कों व उदाहरणों के ज़रिये इसकी पुष्टि करें।
Long Answer
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Solution

यह बहुत सुंदर पंक्ति है कि मानचित्र पर एक लकीर खींच देने भर से ज़मीन और जनता बँट नहीं जाती है। लकीर मानचित्र पर पड़ती है दिलों पर नहीं। दिल लकीर को नहीं मानता वह तो बस प्रेम, लगाव तथा अपनेपन को मानता है। प्रस्तुत पाठ में सिख बीबी, पाकिस्तान के कस्टम अफ़सर तथा अमृतसर के कस्टम अफ़सर इस बात का प्रमाण है। वे सब उन स्थानों को अपना मानते हैं, जहाँ आज वे रहते नहीं हैं। उनका दिल तो वहीं पर रह गया है, जहाँ उनका जन्म हुआ, जहाँ उन्होंने अपना बचपन तथा जवानी निकाली थी। सिख बीबी आज भारत में थी लेकिन अपना दिल पाकिस्तान के लाहौर में छोड़ आई थीं। वे सीमाओं को नहीं मानती। आज भी पाकिस्तान में मिलने वाले लाहौरी नमक में उनकी आत्मा बस गई है। नमक तो शायद भारत में भी मिल सकता था लेकिन उनके लिए असली नमक तो लाहौर में मिलने वाला था। ऐसे ही पाकिस्तान के कस्टम अफ़सर अवश्य पाकिस्तान में रह रहे थे लेकिन उनके लिए उनका असली वतन देहली था। सिख बीबी को बुजुर्ग माना जा सकता है लेकिन पाकिस्तान के कस्टम अफ़सर तो इतने बुजुर्ग नहीं थे। ऐसे ही अमृतसर के कस्टम अफ़सर के लिए उनका असली वतन ढाका था। इन सभी बातों से पता चलता है कि मानचित्र पर लकीर खींच देने से सही में जनता तथा जमीन नहीं बँट जाते हैं। वह दिलों में तथा स्थानों में यादें बनकर रह जाती हैं।
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नमक
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आपकी राय
मान लीजिए आप अपने मित्र के पास विदेश जा रहे/रही हैं। आप सौगात के तौर पर भारत की कौन-सी चीज़ ले जाना पसंद करेंगे/करेंगी और क्यों?

नीचे दिए गए वाक्यों को ध्यान में पढ़िए-

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सामान्यतः 'ही' निपात का प्रयोग किसी बात पर बल देने के लिए किया जाता है। ऊपर दिए गए दोनों वाक्यों में 'ही' के प्रयोग से अर्थ में क्या परिवर्तन आया है? स्पष्ट कीजिए। 'ही' का प्रयोग करते हुए दोनों तरह के अर्थ वाले पाँच-पाँच वाक्य बनाइए।

नीचे दिए गए शब्दों के हिंदी रूप लिखिए-

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पंद्रह दिन यों गुज़रे कि पता ही नहीं चला- वाक्य को ध्यान से पढ़िए और इसी प्रकार के (यों, कि, ही से युक्त पाँच वाक्य बनाइए।)

सृजान के छड
'नमक' कहानी को लेखक ने अपने नज़रिये से अन्य पुरुष शैली में लिखा है। आप सफ़िया की नज़र से/उत्तम पुरुष शैली में इस कहानी को अपने शब्दों में कहें।

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