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माँ वात्सल्य का सागर होती है। - Hindi [हिंदी]

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Question

माँ वात्सल्य का सागर होती है।

Very Long Answer
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Solution

माँ का प्रेम निःस्वार्थ, अटूट और असीमित होता है। वह अपने बच्चों की भलाई के लिए हर संभव प्रयास करती है, चाहे कोई भी परिस्थिति हो। उसका वात्सल्य (ममता) समुद्र के समान गहरा और विशाल होता है, जिसमें त्याग, सहनशीलता और निस्वार्थ प्रेम समाहित रहता है।

माँ की गोद में ही बच्चा सबसे अधिक सुरक्षित और सुखद अनुभव करता है। वह अपने बच्चों की खुशी के लिए अपनी इच्छाओं का त्याग करने में भी पीछे नहीं हटती। इसलिए माँ को धरती पर ईश्वर का रूप भी कहा जाता है।

माँ के वात्सल्य के कुछ विशेष गुण:

  1. माँ बिना किसी शर्त के अपने बच्चों से प्रेम करती है।
  2. माँ हमेशा अपने बच्चों को सही राह दिखाती है।
  3. माँ कठिन परिस्थितियों में भी धैर्य रखती है।
  4. माँ अपने बच्चों के सुख के लिए खुद के सपनों और इच्छाओं का त्याग कर देती है।
  5. माँ जब भी बच्चा दुखी होता है, माँ ही उसे सबसे ज्यादा सुकून देती है।
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Chapter 16: काकी - पाठ्य प्रश्न [Page 9]

APPEARS IN

Balbharati Hindi Ekatmik [Hindi] Standard 7 Maharashtra State Board
Chapter 16 काकी
पाठ्य प्रश्न | Q १३. | Page 9
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