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Question
लट्लकारपदेभ्यः लोट्-विधिलिङ्लकारपदानां निर्माणं कुरुत–
| लट्लकारे | लोट्लकारे | विधिलिङ्लकारे |
| खादन्ति | ______ | ______ |
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Solution
| लट्लकारे | लोट्लकारे | विधिलिङ्लकारे |
| खादन्ति | खादन्तु | खादेयुः |
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स्वकीयं साधनं किं भवति?
सततं किं करणीयम्?
त्वं विद्यालयं ______।
मह्यं जलं ______।
निजनिकेतनं गिरिशिखरे अस्ति।
गमनं सुकरम् अस्ति।
सदैव अग्रे एव चलनीयम्।
वाक्यरचनया अर्थभेदं स्पष्टीकुरुत-
नगः – नागः
वाक्यरचनया अर्थभेदं स्पष्टीकुरुत-
आरोहणम् – अवरोहणम्
वाक्यरचनया अर्थभेदं स्पष्टीकुरुत-
विषमाः – समाः
सत्यम् ______ जयते।
विलोमपदानि योजयत–
| पुरतः | विरक्तिः |
| स्वकीयम् | आगमनम् |
| भीतिः | पृष्ठतः |
| अनुरक्तिः | परकीयम् |
| गमनम् | साहसः |
लट्लकारपदेभ्यः लोट्-विधिलिङ्लकारपदानां निर्माणं कुरुत–
| लट्लकारे | लोट्लकारे | विधिलिङ्लकारे |
| पठति | ______ | ______ |
लट्लकारपदेभ्यः लोट्-विधिलिङ्लकारपदानां निर्माणं कुरुत–
| लट्लकारे | लोट्लकारे | विधिलिङ्लकारे |
| पिबामि | ______ | ______ |
अधोलिखितानि पदानि निर्देशानुसारं परिवर्तयत–
गिरिशिखर (सप्तमी-एकवचने) - ______
अधोलिखितानि पदानि निर्देशानुसारं परिवर्तयत–
राष्ट्र (चतुर्थी-एकवचने) - ______
अधोलिखितानि पदानि निर्देशानुसारं परिवर्तयत–
पथिन् (सप्तमी-एकवचने) - ______
अधोलिखितानि पदानि निर्देशानुसारं परिवर्तयत–
शक्ति (प्रथमा-एकवचने) - ______
