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लगभग 80-100 शब्दों में उत्तर लिखिए: कबीर के दोहे के आधार पर कस्तूरी की उपमा को स्पष्ट कीजिए। मनुष्य को ईश्वर प्राप्ति के लिए क्या करना चाहिए? स्पष्ट कीजिए। - Hindi Course - B

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Question

लगभग 80-100 शब्दों में उत्तर लिखिए:

कबीर के दोहे के आधार पर कस्तूरी की उपमा को स्पष्ट कीजिए। मनुष्य को ईश्वर प्राप्ति के लिए क्या करना चाहिए? स्पष्ट कीजिए।

Explain
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Solution

कवि कहते हैं, ‘कस्तूरी कुंडलि बसै, मृग ढूँढे बन महि’, मृग की नाभि में कस्तूरी होती है, जिसकी सुगंध चारों ओर फैलती है। मृग इससे अनजान होकर पूरे वन में कस्तूरी की तलाश में घूमता है। कबीर ने इस साखी में हिरण को मनुष्य के समान देखा जो ईश्वर की खोज करता है, और कस्तूरी को मनुष्य के हृदय में रहने वाले राम (ईश्वर) के समान देखा। कवि कहते हैं कि ईश्वर प्रत्येक व्यक्ति के हृदय में निवास करता है, लेकिन हम इस बात को नहीं जानते और व्यर्थ धार्मिक स्थानों की ओर भागते रहते हैं। ईश्वर को पाने के लिए मनुष्य को अपने पर नियंत्रण रखना चाहिए और पवित्रता और सादगी से ध्यान लगाना चाहिए।

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