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Question
लगभग 60-70 शब्दों में उत्तर लिखिए:
अपने जीते जी ही अपनी धन-संपत्ति को हड़पने के लिए रचे जा रहे षड्यंत्र और दाँव-पेच देखकर हरिहर काका पर क्या बीती होगी, कल्पना के आधार पर लिखिए।
Very Long Answer
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Solution
हरिहर काका को अपनी संपत्ति को चुराने के लिए रचे जा रहे षडयंत्र और दाँव-पेंच देखकर बहुत निराशा और भय हुआ। हरिहर काका को ठाकुरबाड़ी और परिवार दोनों से धोखा मिला। सभी ने अपनी जमीन का स्वामित्व लेना चाहा। उनकी भावनाओं को कोई नहीं समझा। यह सब देखकर उनका मन बहुत दुखी होगा। वर्तमान समय में पारिवारिक रिश्तों में स्वार्थ और स्वार्थ का बढ़ना इसका कारण है। उन्हें शायद लगता था कि परिवार में प्रेम, सेवा, त्याग और सहानुभूति जैसे मानवीय मूल्यों की कमी हो गई है और इस समस्या को दूर करने का एकमात्र उपाय मानवीय मूल्यों की स्थापना है।
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