Advertisements
Advertisements
Question
लेखक ने शेकर विहार में सुमति को उनके यजमानों के पास जाने से रोका, परंतु दूसरी बार रोकने का प्रयास क्यों नहीं किया?
Advertisements
Solution
लेखक को पता था कि शेकर विहार में सुमति के बहुत से यजमान हैं; वह उनके पास जाकर गंडे देकर दक्षिणा वसूलता था, जिसमें एक सप्ताह का समय लगता था, इसलिए उन्होंने मना कर दिया। लेखक ने उसे दूसरी बार रोकने का प्रयास नहीं की क्योंकि उनके सामने कन्जुर की हस्तलिखित 103 पोथियाँ रखी हुई थीं; वह उन पुस्तकों को पढ़ने में हो गये थे, इसलिए जब सुमति ने उन्हें यजमान के घर वापस जाने के लिए कहा, तो उन्होंने कोई रोकने का प्रयास नहीं किया।
APPEARS IN
RELATED QUESTIONS
रीढ़ की हड्डी’ एकांकी के आधार पर उमा की चारित्रिक विशेषताओं का उल्लेख करते हुए बताइए कि वर्तमान में इनकी कितनी उपयोगिता है?
माटी वाली बुढ़िया की दिनचर्या और रहन-सहन आम लोगों को निस 6 अलग था? ‘माटी वाली’ पाठ के आधार पर लिखिए।
लेखिका की परदादी के कार्य-व्यवहार से आपको किन जीवन मूल्यों को अपनाने की प्रेरणा मिलती है?-मेरे संग की औरतें’ पाठ के आलोक में लिखिए।
अपनी कल्पना से लिखिए कि बच्चन ने लेखक के लिए 'नोट' में क्या लिखा होगा?
लेखक के हिंदी लेखन में कदम रखने का क्रमानुसार वर्णन कीजिए।
लेखक शमशेर बहादुर के व्यक्तित्व का उल्लेख करते हुए बताइए कि इससे आपको किन-किन मूल्यों को ग्रहण करने की प्रेरणा मिलती है?
कांजीहौस में कैद पशुओं की हाज़िरी क्यों ली जाती होगी?
तिब्बत का प्राकृतिक सौंदर्य अनुपम है। स्पष्ट कीजिए।
आशय स्पष्ट कीजिए-
जाने-अनजाने आज के माहौल में आपका चरित्र भी बदल रहा है और आप उत्पाद को समर्पित होते जा रहे हैं।
‘व्यक्तियों की केंद्रिकता’ से क्या तात्पर्य है? ‘उपभोक्तावाद की संस्कृति’ पाठ के आधार पर स्पष्ट कीजिए।
उपभोक्तावादी संस्कृति का व्यक्ति विशेष पर क्या प्रभाव पड़ा है? उपभोक्तावाद की संस्कृति पाठ के आधार पर स्पष्ट कीजिए।
नाना साहब कौन थे?
बिठूर पहुँचकर अंग्रेज सैनिक दल ने क्या किया?
महादेवी की रुचि लेखन में उत्पन्न करने में उनकी माँ का योगदान था, स्पष्ट कीजिए।
उस समय विद्यालयों का वातावरण आज के वातावरण से किस तरह अलग था? ‘मेरे बचपन के दिन’- पाठ के आधार पर स्पष्ट कीजिए।
'मैं उत्पन्न हुई तो मेरी बड़ी खातिर हुई और मुझे वह सब नहीं सहना पड़ा जो अन्य लड़कियों को सहना पड़ता है।' इस कथन के आलोक में आप यह पता लगाएँ कि -
(क) उस समय लड़कियों की दशा कैसी थी?
(ख) लड़कियों के जन्म के संबंध में आज कैसी परिस्थितियाँ हैं?
लेखिका ने छात्रावास के जिस बहुभाषी परिवेश की चर्चा की है उसे अपनी मातृभाषा में लिखिए।
आशय स्पष्ट कीजिए -
इस प्रकार कवि की मर्मभेदी दृष्टि ने इस भाषाहीन प्राणी की करुण दृष्टि के भीतर उस विशाल मानव-सत्य को देखा है, जो मनुष्य, मनुष्य के अंदर भी नहीं देख पाता।
निम्नलिखित वाक्यों में कर्म के आधार पर क्रिया-भेद बताइए-
(क) मीना कहानी सुनाती है।
(ख) अभिनव सो रहा है।
(ग) गाय घास खाती है।
(घ) मोहन ने भाई को गेंद दी।
(ड.) लड़कियाँ रोने लगीं।
