Advertisements
Advertisements
Question
क्या आप सोचती हैं कि आपको ऐसी जगह में रहने में मजा आएगा? उन पाँच चीजों की सूची बनाइए जिनकी कमी ऐसी जगह में सबसे ज्यादा खलेगी।
Advertisements
Solution
- निम्नलिखित पाँच चीजों की कमी खलेगी
- रंगों की कमी।
- खाने-पीने की विभिन्न प्रकार की चीजों की कमी।
- पशु-पक्षियों के प्रकारों में विविधता की कमी।
- खेलों में विविधता की कमी।
- मनोरंजन के साधनों में विविधता की कमी।
APPEARS IN
RELATED QUESTIONS
जलियाँवाला बाग हत्याकांड के ऊपर लिखे गए गाने की उस पंक्ति को चुनिए जो आपके अनुसार भारत की एकता को निश्चित रूप से झलकाती है।
लद्दाख एवं केरल की तरह भारत का कोई एक क्षेत्र चुनिए और अध्ययन कीजिए कि कैसे उस क्षेत्र की विविधता को ऐतिहासिक और भौगोलिक कारकों ने प्रभावित किया है। क्या ये ऐतिहासिक एवं भौगोलिक कारक आपस में जुड़े हुए हैं? कैसे?
समीर एक और समीर दो में कोई तीन अंतर लिखिए।
सूची बनाइए कि आपने भारत के अलग-अलग प्रांतों के कौन-कौन से व्यंजन खाए हैं।
एटलस में भारत का नक्शा देखिए और उसमें ढूंढ़िए कि ये दोनों क्षेत्र-लद्दाख तथा केरल कहाँ पर हैं। इन दोनों क्षेत्रों की भौगोलिक स्थितियाँ वहाँ के भोजन, कपड़े और व्यवसाय/पेशे को कैसे प्रभावित करती हैं? उनकी सूची बनाइए।
अपनी मातृभाषा के अलावा उन भाषाओं की सूची बनाइए जिनके आप कुछ शब्द भी जानती हैं।
रवीन्द्रनाथ टैगोर द्वारा रचित हमारा राष्ट्रगान भी भारतीय एकता की ही एक अभिव्यक्ति है। राष्ट्रगान किस तरह से एकता का वर्णन करता है, इसे अपने शब्दों में लिखिए।
भारत के लोग विविध तरीकों से नीचे लिखे काम करते हैं। यहाँ उसमें से एक तरीका बताया गया है। दो और तरीके लिखिए।
| प्रार्थना/ इबादत करना | भक्ति गीत गाना | - | - |
| शादी करना | - | अदालत के रजिस्टर में दस्तखत करना | - |
| विभिन्न प्रकार के कपडे पहनना | - | - | मणिपुर में औरतों का फैशन पहनना |
| अभिवादन करना | - | झारखंड के आदिवासियों का एक - दूसरे को जोहर करना | - |
| चावल पकाना | मिट या सब्जी डालकर बिरयानी पकाना | - | - |
कविता
दिन खून के हमारे , प्यारे न भूल जाना खुशियों में अपनी हम पर , आँसू बहा के जाना
सैयद् ने हमारे , चुन - चुन के फूल तोड़
विरार इस चमन में , कोई गुल खिला के जाना दिन खून के हमारे......
गोली खा के सोये , जलीया बाग में हम
सुनी पड़ी कब्र पर , दिया जला के जाना
दिन खून के हमारे......
हिन्दू और मुस्लिम की, होती है आज होली बहते है एक रंग में , दामन भिगो के जान
दिन खून के हमारे......
कुछ जेल में पड़े है, कुछ कब्र में गड़े है दो बूँद आँसू उनपर, प्यार बहा के जाना
दिन खून के हमारे......
- भारतीय जन नाट्य संघ (इप्टा)
आपके अनुसार उपरोक्त कविता की किन पंक्तियों में भारत की एकता की झलक मिलती है।
