English

“क्या आप कभी केला खाकर छिलका रास्ते में फेंकते हैं...” निबंध के इस अंश को पुनः पढ़िए। इस प्रकार के और कौन-कौन से आचरण हो सकते हैं जिनसे देश के सौंदर्य को आघात लगता है?

Advertisements
Advertisements

Question

“क्या आप कभी केला खाकर छिलका रास्ते में फेंकते हैं...”

निबंध के इस अंश को पुनः पढ़िए। इस प्रकार के और कौन-कौन से आचरण हो सकते हैं जिनसे देश के सौंदर्य को आघात लगता है? इस विषय पर अपने अभिभावकों, सहपाठियों और शिक्षकों के साथ चर्चा कीजिए।

(संकेत – ऐतिहासिक या सार्वजनिक स्थानों पर अपना नाम आदि लिखना।)

Very Long Answer
Advertisements

Solution

इस अंश में लेखक यह स्पष्ट करता है कि हमारे छोटे-छोटे अनुचित व्यवहार भी देश के ‘सौंदर्य-बोध’ को नुकसान पहुँचा सकते हैं। इसी संदर्भ में कुछ ऐसे व्यवहारों पर चर्चा की जा सकती है, जिनसे देश की छवि प्रभावित होती है-

ऐसे आचरण जो देश के सौंदर्य को आघात पहुँचाते हैं:

  1. ऐतिहासिक स्मारकों, दीवारों या सार्वजनिक स्थलों पर अपना नाम लिखना या गंदगी फैलाना
  2. सड़कों, पार्कों, बस-स्टॉप, रेलवे स्टेशन आदि पर कूड़ा-कचरा फेंकना
  3. कहीं भी थूकना या पान-गुटखे की पीक करना
  4. सार्वजनिक शौचालयों का अनुचित उपयोग करना
  5. यातायात नियमों का पालन न करना और सड़क पर अव्यवस्था पैदा करना
  6. तेज आवाज में शोर करना तथा लाउडस्पीकर का गलत उपयोग करना
  7. पेड़-पौधों को नुकसान पहुँचाना या हरियाली को नष्ट करना
  8. पानी और बिजली जैसी सार्वजनिक सुविधाओं का दुरुपयोग करना
  9. कतार (लाइन) का पालन न करना और धक्का-मुक्की करना
  10. सार्वजनिक संपत्ति जैसे बेंच, बस या ट्रेन को नुकसान पहुँचाना

इन सभी उदाहरणों से यह निष्कर्ष निकलता है कि स्वच्छता और अनुशासित व्यवहार केवल व्यक्तिगत आदत नहीं, बल्कि एक राष्ट्रीय दायित्व है। यदि प्रत्येक नागरिक अपने आचरण में सुधार करे, तो देश की सुंदरता और संस्कृति दोनों सुरक्षित रह सकती हैं।

shaalaa.com
  Is there an error in this question or solution?
Chapter 7: मैं और मेरा देश - अभ्यास [Page 134]

APPEARS IN

NCERT Hindi Ganga [English] Class 9
Chapter 7 मैं और मेरा देश
अभ्यास | Q 1. | Page 134
Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×