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Maharashtra State BoardSSC (English Medium) 10th Standard

कुरते के प्रसंग से शास्‍त्री जी के इन गुणों (स्‍वभाव) का पता चलता है : ______ ______ - Hindi (Second/Third Language) [हिंदी (दूसरी/तीसरी भाषा)]

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Question

कुरते के प्रसंग से शास्‍त्री जी के इन गुणों (स्‍वभाव) का पता चलता है :

  1. ______
  2. ______
One Line Answer
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Solution

  1. किफायत से रहना
  2. खादी के कपड़ों से लगाओ
shaalaa.com
ईमानदारी की प्रतिमूर्ति
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Chapter 2.05: ईमानदारी की प्रतिमूर्ति - स्‍वाध्याय [Page 72]

APPEARS IN

Balbharati Hindi Lokbharati [English] Standard 10 Maharashtra State Board
Chapter 2.05 ईमानदारी की प्रतिमूर्ति
स्‍वाध्याय | Q (६) | Page 72

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संजाल पूर्ण कीजिए :


परिणाम लिखिए :

सुबह साढ़े पाँच-पौने छह बजे दरवाजा खटखटाने का - ______


परिणाम लिखिए :

साठ पैसे प्रति किलोमीटर के हिसाब से पैसे जमा करवाने का - ______


'ईमानदारी की प्रतिमूर्ति' पाठ में प्रयुक्त गहनों के नाम:


‘पर जो असल गहना है वह तो है’ इस वाक्‍य से अभिप्रेत भाव लिखिए।


'ईमानदारी की प्रतिमूर्ति' पाठ में प्रयुक्‍त परिमाणों की सूची तैयार कीजिए :

  1. ______
  2. ______

निम्नलिखित पठित गद्यांश पढ़कर दी गईं सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए:

अम्मा बताती हैं- हमारी शादी में चढ़ावे के नाम पर सिर्फ पाँच ग्राम सोने के गहने आए थे, लेकिन जब हम विदा होकर रामनगर आए तो वहाँ उन्हें मुँह दिखाई में गहने मिले। सभी नाते-रिश्तेवालों ने कुछ-न-कुछ दिया था। जिन दिनों हम लोग बहादुरगंज के मकान में आए, उन्हीं दिनों तुम्हारे बाबू जी के चाचा जी को कोई घाटा लगा था। किसी तरह से बाकी का रुपया देने की जिम्मेदारी हम पर आ पड़ी-बात क्‍या थी, उसकी ठीक से जानकारी लेने की जरूरत हमने नहीं सोची और न ही इसके बारे में कभी कुछ पूछताछ की। एक दिन तुम्हारे बाबू जी ने दुनिया की मुसीबतों और मनुष्य की मजबूरियों को समझाते हुए जब हमसे गहनों की माँग की तो क्षण भर के लिए हमें कुछ वैसा लगा और गहना देने में तनिक हिचकिचाहट महसूस हुई पर यह सोचा कि उनकी प्रसन्नता में हमारी खुशी है, हमने गहने दे दिए। केवल टीका, नथुनी, बिछिया रख लिए थे। वे हमारे सुहागवाले गहने थे। उस दिन तो उन्होंने कुछ नहीं कहा, पर दूसरे दिन वे अपनी पीड़ा न रोक सके। कहने लगे- “तुम जब मिरजापुर जाओगी और लोग गहनों के संबंध में पूछेंगे तो क्या कहोगी?”

(1) आकृति में लिखिए: (2)

(i)

(ii) 

(2) निम्नलिखित वाक्य उचित क्रम लगाकर लिखिए: (2)

  1. मुँह दिखाई में गहने मिले।
  2. बाबू जी अपनी पीड़ा न रोक सके।
  3. विदा होकर रामनगर आना।
  4. पाँच ग्राम सोने के गहने आना।

(3) वचन परिवर्तन करके लिखिए: (2)

  1. रिश्ता -
  2. दिन -
  3. शादी -
  4. मुसीबत -

(4) ‘पारिवारिक सुख-दुख में प्रत्येक का सहभाग’ इस विषय पर 25 से 30 शब्दों में अपने विचार लिखिए। (2)


निम्नलिखित पठित गद्यांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए:

गाड़ी ले हम चल पड़े। क्या शान की सवारी थी। याद कर बदन में झुरझुरी आने लगी है। जिसके यहाँ खाना था, वहाँ पहुँचा। बातचीत में समय का ध्यान नहीं रहा। देर हो गई।

याद आया बाबू जी आ गए होंगे।

वापस घर आ फाटक से पहले ही गाड़ी रोक दी। उतरकर गेट तक आया। संतरी को हिदायत दी। यह सैलूट-वैलूट नहीं, बस धीरे से गेट खोल दो। वह आवाज करे तो उसे बंद मत करो, खुला छोड़ दो।

बाबू जी का डर। वह खट-पट सैलूट मारेगा तो आवाज होगी और फिर गेट की आवाज से बाबू जी को हम लोगों के लौटने का अंदाजा हो जाएगा। वे बेकार में पूछताछ करेंगे। अभी बात ताजा है। सुबह तक बात में पानी पड़ चुका होगा। संतरी से जैसा कहा गया, उसने किया। दबे पैर पीछे किचन के दरवाजे से अंदर घुसा। जाते ही अम्मा मिलीं।

पूछा - ‘‘बाबू जी आ गए? कुछ पूछा तो नहीं ?’’

बोली - ‘‘हाँ, आ गए। पूछा था। मैंने बता दिया।’’

(1) उत्तर लिखिए: (2)

लेखक द्वारा संतरी को दी गई दो सूचनाएँ:

  1. ______
  2. ______

(2) लिखिए: (2)

  1. शान की सवारी याद आने का परिणाम ______
  2. बातचीत में समय बिताने का परिणाम ______

(3) 

(क) गद्यांश से ऐसे दो शब्द ढूँढ़कर लिखिए जिनका वचन परिवर्तन से रूप नहीं बदलता: (1)

  1. ______

______

(ख) गदयांश में प्रयुक्त शब्द-युग्म ढूँढकर लिखिए: (1)

  1. ______
  2. ______

(4) ‘दादा-दादी के प्रति मेरा कर्तव्य’ विषय पर अपने विचार लिखिए। (2)


निम्नलिखित पठित गदयांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए-

'एक दिन तुम्हारे बाबू जी ने दुनिया की मुसीबतों और मनुष्य की मजबूरियों को समझते हुए जब हमसे गहनों की माँग की तों क्षण भर के लिए हमें कुछ वैसा लगा और गहना देने में तनिक हिचकिचाहट महसूस हुई, पर यह सोचा कि उनकी प्रसन्नता में हमारी खुशी है, हमने गहने दे दिए। केवल टीका, नथुनी, बिछिया, नथ रख लिए थे। वे हमारे सुहाग वाले गहने थे। उस दिन तो उन्होंने कुछ नहीं कहा, पर दूसरे दिन वे अपनी पीड़ा न रोक सके। कहने लगे- “तुम जब मिर्जापुर जाओगी और लोग गहनों के संबंध पूछेंगे तो क्या कहोगी ?

(1) नाम लिखिए -     (2)

(i)

(ii)

(2) 'पीड़ा' शब्द के दो समानार्थी शब्द लिखिए -   (2)

  1. ______
  2. ______

(3) गद्यांश से ढूँढ़कर लिखिए-    

  1. प्रत्यययुक्तं शब्द -   (1)

    1. ______
    2. ______
  2. ऐसे दो शब्द जिनका वचन परिवर्तन नहीं होता -  (1)
    1. ______
    2. ______

(4) बाबू जी की चरित्रगत विशेषताओं पर 25 से 30 शब्दों में अपने विचार प्रकट करें।  (2)


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