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‘कोई काम छोटा या बड़ा नहीं होता’ इस पर एक प्रसंग लिखकर उसे कक्षा में सुनाइए । - Hindi - Composite [हिंदी - संयुक्त]

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Question

‘कोई काम छोटा या बड़ा नहीं होता’ इस पर एक प्रसंग लिखकर उसे कक्षा में सुनाइए ।

Answer in Brief
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Solution

मनुष्य को यह बात हमेशा के लिए गाँठ बाँध लेनी चाहिए कि कोई भी काम छोटा या बड़ा नहीं होता। किसी भी इन्सान को उसके नाम से नहीं, उसके काम से जाना जाता है। 'राष्ट्रपिता महात्मा गांधी का सारा देश सम्मान करता था, कोई भी बड़ा काम करने का दिखावा करने से व्यक्ति को उसमें सफलता नहीं मिलती, बल्कि उसे केवल कठिनाइयों का सामना ही करना पड़ता है। कपड़े-बरतन धोना, सफाई करना, कपड़े सिलना, बाल काटना, सड़कें साफ करना ऐसे अनेक काम हैं, जिन्हें यदि कोई न करे, तो कैसे काम चलेगा। इन कामों को करने वालों का महत्त्व हमें समझना चाहिए और यह मानना चाहिए कि ये लोग समाज के अभिन्न अंग हैं।यही काम वह मन लगाकर करे, तो इस काम को वह जरूर पूर्ण कर सकता है। काम चाहे छोटा हो या बड़ा यह मायने नहीं रखता है, क्योंकि कभी-कभी मनुष्य छोटे-छोटे कार्यों से शुरुआत कर बड़े-बड़े मुकाम को हासिल करने की कोशिश करता है। अपनी मेहनत से प्राप्त सफलता का आनंद ही कुछ और होता हैं। हम कितने भी बड़े क्यों न हो जाएँ पर काम कभी छोटा या बड़ा नहीं होता।

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मैं बरतन माँजूँगा
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Chapter 2.2: मैं बरतन माँजूँगा - स्वाध्याय [Page 31]

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Balbharati Hindi (Composite) Lokvani [English] Standard 9 Maharashtra State Board
Chapter 2.2 मैं बरतन माँजूँगा
स्वाध्याय | Q १ | Page 31
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