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कंकणाकृति और खग्रास सूर्यग्रहण क्या एक ही समय में हो सकते हैं? - Geography [भूगोल]

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Question

कंकणाकृति और खग्रास सूर्यग्रहण क्या एक ही समय में हो सकते हैं?

Short Answer
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Solution

कंकणाकृति और खग्रास सूर्यग्रहण एक साथ हो सकते हैं, लेकिन पृथ्वी के अलग-अलग स्थानों पर।

  1. छाया का प्रकार:
    1. खग्रास सूर्यग्रहण: जब चंद्रमा की पृथ्वी पर पड़ती है, और सूर्य पूरी तरह ढक जाता है।
    2. कंकणाकृति सूर्यग्रहण: जब पूर्ण छाया पृथ्वी तक नहीं पहुंचती और अंतः छाया के क्षेत्र में सूर्य का बाहरी भाग चमकता रहता है।
  2. भौगोलिक स्थिति: पूर्ण छाया के क्षेत्र में खग्रास और अंतः छाया के क्षेत्र में कंकणाकृति सूर्यग्रहण देखा जाता है।

यह स्थिति हाइब्रिड सूर्यग्रहण कहलाती है, जिसमें दोनों प्रकार के ग्रहण अलग-अलग स्थानों पर दिखते हैं।

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Chapter 2: सूर्य, चंद्रमा और पृथ्वी - अंतःपाठ प्रश्न [Page 181]

APPEARS IN

Balbharati Bhugol Ekatmik [Hindi] Standard 7 Maharashtra State Board
Chapter 2 सूर्य, चंद्रमा और पृथ्वी
अंतःपाठ प्रश्न | Q ७. | Page 181
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