Advertisements
Advertisements
Question
कक्षा परियोजना के रूप में समाचार पत्रों में से कोई एक शीर्षक चुनकर उस पर ध्यान केंद्रित कीजिए और अन्य समाचार-पत्रों में से उससे संबंधित विवरण छाँटिए। दूरदर्शन समाचार पर भी इस विषय पर प्रसारित सामग्री देखिए। दो समाचारपत्रों के विवरण की तुलना करके उनमें समानता और भिन्नता की रिपोर्ट लिखिए। निम्नलिखित प्रश्न पूछना सहायक हो सकता है-
(क) इस लेख में क्या जानकारी दी जा रही है?
(ख) कौन-सी जानकारी इसमें छोड़ दी गई है?
(ग) यह लेख किसके दृष्टिकोण को ध्यान में रखकर लिखा गया है?
(घ) किसके दृष्टिकोण को छोड़ दिया गया है और क्यों?
Advertisements
Solution
शीर्षक-प्रदूषण के कारण कारखानों पर व्रजपात' इस संदर्भ में दो समाचार-पत्र की रिपोर्ट नीचे दी गई है।
| न्यूज़ ऑफ़ इंडिया की रिपोर्ट | इंडिया डेली की रिपोर्ट |
|
समाचार-पत्र का शीर्षक-प्रदूषण फैलाने वाले कारखानों पर व्रजपात। विरोधोयों द्वारा चक्का जाम, यातायात रुका कारखानों के मालिकों और मज़दूरो के हिंसात्मक विरोध ने आज शहर की गतिविधियों को रोक कर रख दिया। सडक़ों पर वाहनों के विशाल जाम लगने के कारण लोग समय से अपने काम पर नहीं पहुँच सके। कारखाना मालिक और मज़दूर सरकार के प्रदूषण फैलाने वाली इकाइयों को बंद करने के निर्णय का विरोध कर रहे हैं। यद्यपि सरकार ने यह निर्णय कुछ जल्दबाजी में लिया है, परंतु विरोधियों को काफ़ी समय से यह पता था कि उनकी इकाइयाँ गैरकानूनी हैं। इस इकाइयों के एंड होने से शहर में प्रदूषण का स्तर काफ़ी कम हो जाएगा। शहर के गणमान्य नागरिक श्री जैन ने खा "हमारा शहर भारत के नए व्यावसायिक केंद्र के रूप में स्थापित होता जा रहा है। इसके साथ -साथ यह भी आवश्यक है कि शहर साफ़ और हरा-भरा रहे। प्रदूषण फैलने वाले कारखानों को हटाया जाना चहिए। विरोध करने के स्थान पर कारखानों के मालिकों व कामगारों को पुनर्स्थापन का प्रस्ताव स्वीकार कर लेना चाहिए। |
समाचार-पत्र का शीर्षक-कारखानों के बंद होने से घोर अशांति शहर के आवासीय क्षेत्र में एक लाख कारखानों का बंद होना गंभीर समस्या का रूप ले सकता है। सोमवार को हज़ारों कारखाना मालिक व कामगार, कारखाना बंदी पर अपना कड़ा विरोध जताने के लिए सड़कों पर उत्तर आए। उन्होंने खा कि इससे उनकी रोज़ी रोटी चीन जाएगी। उनका कहना है कि गलती नगर निगम की है, क्योंकि वह आवासीय क्षेत्रों में लगातार नए कारखाने लगाने के लिए लाइसेंस देता रहा। उन्होंने यह भी खा कि उनके पुनर्स्थापन के लिए पर्याप्त प्रयत्न नहीं किए गए। कारखानों के मालिकों व मजदूरों ने कारखाने 'बंद' करनवाने के विरोध में शहर में एक दिन का 'बंद' प्रस्तावित किया है। एक कारखाने के मालिक श्री शर्मा ने कहा, "सरकार कहती है कि उसने हमारे पुनर्स्थापन के लिए बहुत कार्य किया है, लेकिन जिस प्रकार के क्षेत्र वह हमें दे रही हैं वहाँ किसी प्रकार की सुविधाएँ नहीं है। और पिछले पाँच वर्षों में वहाँ कोई विकास कार्य नहीं हुआ है। " |
(क) इस लेख में प्रदूषण के कारण एक लाख कारखानों के बंद होने से कारखानों के मालिक और मजदूरों के विरोध से संबंधित एक रिपोर्ट दिया गया है।
(ख) न्यूज ऑफ़ इंडिया ने कारखानों से फैलने वाले प्रदूषण के दुष्परिणामों के बारे में व्याख्या नहीं की है, जबकि इसदिया डेली की रिपोर्ट में कारखानों और मजदूरों का विरोध करना कितना उचित है तथा नगर निगम द्वारा कारखानों को कितना सुविधा दिया गया है और क्या- क्या कमी रह गई है इसके बारे में नहीं बतलाया गया है।
(ग) न्यूज ऑफ़ इंडिया के लिख प्रदूषण के कारण कारखानों के बंद होने से मजदूरों द्वारा विरोध करने से सड़कों पर लगने वाले जैम को ध्यान में रखकर रिपोर्ट तैयार किया गया है, जबकि इसदिया डेली में कारखानों के मालिकों और मजदूरों के प्रतिक्रिया के संबंध में रिपोर्ट तैयार की गई है।
(घ) इन दोनों रिपोर्ट में कुछ दृष्टिकोणों को छोड़ दिया गया है। न्यूज और इंडिया रिपोर्ट में प्रदूषण से होने वाले नुकसान के संदर्भ में जनता की प्रतिक्रिया के बारे में नहीं बताया गया है। इसदिया डेली रिपोर्ट में मजदूरों के रोजगार और उनके अपर्याप्त पुन स्त्रस्थापन को कोई महत्व नहीं दिया गया है।
APPEARS IN
RELATED QUESTIONS

पृष्ठ पर दिए गए कोलाज में से संचार माध्यमों के छह अलग-अलग प्रकारों को छाँटिए।
अपने परिवार के बड़े लोगों से पूछिए कि जब टी.वी. नहीं था, तब वे रेडियो पट क्या सुनते थे? उनसे पूछिए कि आपके क्षेत्र में पहले-पहल टी.वी. कब आया था? केबल टी.वी. कब शुरू हुआ?
आपके पड़ोस में कितने लोग इंटरनेट का प्रयोग करते हैं?
ऐसी तीन चीज़ों की सूची बनाइए, जो संसार के किन्हीं अन्य भागों से संबंधित हैं और जिनके बारे में आपने टेलीविजन देखकर जाता है।
विज्ञापनों के प्रकार के बारे में अकेले, जोड़ी या समूह में प्रोजेक्ट बनाए। कुछ उत्पादों के बारे में वाणिज्यक विज्ञापन एंव सार्वजनिक स्वास्थ्य, सड़क, सुरक्षा, जल व ऊर्जा को बचाने की जरूरत सामाजिक विज्ञापन बनाए।
