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Question
किसी जिले में 40 ऐसे गाँव हैं जहाँ सरकार ने पेयजल उपलब्ध कराने का कोई इंतजाम नहीं किया है। इन गाँवों के लोगों ने एक बैठक की और अपनी जरुरतों की ओर सरकार का ध्यान दिलाने के लिए कई तरीकों पर विचार किया। इनमें से कौन-सा तरीका लोकतांत्रिक नहीं है?
Options
अदालत में पानी को अपने जीवन के अधिकार का हिस्सा बताते हुए मुकदमा दायर करना।
अगले चुनाव का बहिष्कार करके सभी पाटियों को संदेश देना।
सरकारी नीतियों के खिलाफ़ जन सभाएँ करना।
सरकारी अधिकारियों को पानी के लिए रिश्वत देना।
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Solution
सरकारी अधिकारियों को पानी के लिए रिश्वत देना।
कारण:
यह एक अलोकतांत्रिक तरीका है।
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यहाँ चार अन्य देशों के बारे में कुछ सूचनाएँ दी गई हैं, इन सूचनाओं के आधार पर आप इन देशों का वर्गीकरण किस तरह करेंगे। इनके आगे ‘लोकतांत्रिक’, ‘अलोकतांत्रिक’ और ‘पक्का नहीं’ लिखें।
- देश च: संसद सेना प्रमुख की मंजूरी के बिना सेना के बारे में कोई कानून नहीं बना सकती।
- देश छ: संसद न्यायपालिका के अधिकारों में कटौती का कानून नहीं बना सकती।
- देश ज: देश के नेता बिना पड़ोसी देश की अनुमति के किसी और देश से संधि नहीं कर सकते।
- देश झ: देश के अधिक फैसले केंद्रीय बैंक के अधिकारी करते हैं जिसे मंत्री भी नहीं बदल सकते।
इनमें से किन कथनों को आप लोकतांत्रिक समझते हैं? क्यों?
अधिकारियों से कर्मचारी: हमारे काम करने के घंटे कानून के अनुसार कम किए जाने चाहिए।
अमेरिका के बारे में 2004 में आई एक रिपोर्ट के अनुसार वहाँ के समाज में असमानता बढ़ती जा रही है। आमदनी की असमानता लोकतांत्रिक प्रक्रिया में विभिन्न वर्गों की भागीदारी घटने-बढ़ने के रुप में भी सामने आई। इन समूहों की सरकार के फ़ैसलों पर असर डालने की क्षमता भी इससे प्रभावित हुई हैं। इस रिपोर्ट की मुख्य बातें थीं:
- सन् 2004 में एक औसत अश्वेत परिवार की आमदनी 100 डालर थी जबकि गोरे] परिवार की आमदनी 162 डालर। औसत गोरे परिवार के पास अश्वेत परिवार से 12 गुना ज़्यादा संपत्ति थी।
- राष्ट्रपति चुनाव में 75,000 डालर से ज़्यादा आमदनी वाले परिवारों के प्रत्येक 10 में से 9 लोगों ने वोट डाले थे। यही लोग आमदनी के हिसाब से समाज के ऊपरी 20 फीसदी में आते हैं। दूसरी ओर 15,000 डालर से कम आमदनी वाले परिवारों के प्रत्येक 10 में से सिर्फ़ 5 लोगों ने ही वोट डाले। आमदनी के हिसाब से ये लोग सबसे निचले 20 फीसदी हिस्से में आते है।
- राजनैतिक दलों का करीब 95 फीसदी चंदा अमीर परिवारों से ही आता है। इससे उन्हें अपनी राय और चिंताओं से नेताओं को अवगत कराने का अवसर मिलता है। यह सुविधा देश के अधिकाश नागरिकों को उपलब्ध नहीं हैं।
- जब गरीब लोग राजनीति में कम भागीदारी करते हैं तो सरकार भी उनकी चिंताओं पर कम ध्यान देती है- गरीबी दूर करना, रोजगार देना, उनके लिए शिक्षा, स्वास्थ्य और आवास की व्यवस्था करने पर उतना ध्यान नहीं दिया जाता जितना दिया जाना चाहिए। राजनेता अकसर अमीरों और व्यापारियों की चिंताओं पर ही नियमित रूप से गौर करते हैं।
एक देश के बारे में निम्नलिखित तथ्यों पर गौर करें और फ़ैसला करें कि आप इसे लोकतंत्र कहेंगे या नहीं। अपने फ़ैसले के पीछे के तर्क भी बताएँ।
सरकारी नीतियों का विरोध करने के लिए अनेक संगठनों ने संयुक्त रुप से प्रदर्शन करने और देश भर में हड़ताल करने का आह्वान किया है। सरकार ने उनके नेताओं को गिरफ़्तार कर लिया है।
इनमें से किन कथनों को आप लोकतांत्रिक समझते हैं? क्यों?
बेटी से बाप: मैं शादी के बारे में तुम्हारी राय सुनना नहीं चाहता। हमारे परिवार में बच्चे वहीं शादी करते हैं जहाँ माँ-बाप तय कर देते हैं।
इनमें से किन कथनों को आप लोकतांत्रिक समझते हैं? क्यों?
छात्र से शिक्षक: कक्षा में सवाल पूछकर मेरा ध्यान मत बँटाओ।
